बैठक के दौरान कोयला मंत्री के साथ बीएमएस नेता संजय सिंह
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नई दिल्ली में आयोजित हुई स्टैंडिंग कमेटी ऑन सेफ्टी इन कोल माइंस ((Standing Committee on Safety in Coal Mines) की 50वीं बैठक में भारतीय मजदूर संघ (BMS) के प्रतिनिधि के तौर पर रमेश बल्लेवार एवं संजय सिंह उपस्थित हुए थे। दोनों श्रमिक नेताओं ने बैठक के दौरान निम्न बिंदुओं को प्राथमिकता के साथ उठाया :

रमेश बल्लेवार द्वारा उठाए गए विषय

  • कोल मंत्रालय अपने निहित उद्देश्यों के अनुसार कार्य करे।(कोल मंत्रालय खनन श्रमिक कल्याण संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न अधिनियमों और कल्याण योजनाओं का संचालन भी करता है,जो भारत सरकार के कार्य आवंटन नियमों के तहत है।) इसी के अंतर्गत कोयला उद्योग में कार्यरत ठेका मजदूरों को HPC का वेतन आज भी अप्राप्त है। कोल माइन रेगुलेशन 1957 से 2017 तक सुरक्षा की स्थिति यथावत है।
  • सुरक्षा की सर्वोच्च समिति होने के नाते बैठक में पूर्व से रखे गए बिंदुयों का क्रियान्वयन नही हो रहा है। माननीय के.लक्ष्मारेड्डी के द्वारा 49 वीं स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में जिन विषयों को रखा गया वो आज भी यथावत हैं
  • महिलाओं के सशक्तिकरण करण हेतु माइंस एक्ट के सेक्शन 46 के संशोधन उपरांत कार्य पर लगया जाए,जिस हेतु महिलाओं को भर्ती में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
  • ठेका मजदूरों से संबंधित विषयों को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के दायरे में लाया जाए।
  • माइंस के प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार खदानों का संचालन किया जाए। नियमित बैक फिलिंग ओसीएम में सुनिश्चित की जाए।
  • दुर्घटनाओं की विस्तृत जाँच हो।WCL का पाथाखेड़ा क्षेत्र जिसमें एक फ्रंट लाइन अधिकारी व दो फ्रंट लाइन सुपरवाइजर सांघातिक दुर्घटना को प्राप्त हुए।
  • कोयला मंत्रालय के ब्यौरा में कोई भी अधिकारी गंभीर है।

संजय सिंह ने निम्न टेक्निकल विषयों को रखा

  • कोल इंडिया में बढ़ रही दुर्घटनाओं में ठेकेदार के डीम्ड ओनर,एजेंट और वैधानिक पदों पर कार्यरत सुपरवाइजरों की अकॉउंटीबीलिटी और रेस्पॉनसिबिलिटी तय की जाए,इसी प्रकार DGMS और प्रबंधन की भी जवाबदेही और जिम्मेदारी तय की जाए। कंपनी के डीटीओ,AGM, एजेंट को दायरे में लाया जाए।
  • वैधानिक पदों की कमी को अविलंब दूर किया जाए। रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट होल्डर्स के बारे में एक मोडिलिटी CIL अपैक्स बॉडी के साथ बैठक कर नियोजन सुनिश्चित किया जाए।
  • गत वर्ष E2 माइनिंग में हुए हुए पदोन्नति में 42 लोगों ने पदोन्नति छोड़ी,वेटिंग लिस्ट के लोगों को अविलंब पदोन्नति दी जाए।
  • WCL की कामठी खदान में हुई सांघातिक दुर्घटना के उपरांत अनाधिकृत प्रवेश व दुर्घटना को आत्महत्या करार देने वाले दोषी प्रबंधन के अधिकारी सब एरिया मैनेजर शरद दीक्षित के ऊपर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसी के साथ चंद्रपुर एरिया के लालपेठ सब एरिया मुस्ताक अहमद पे कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। वनी क्षेत्र में वेल्डिंग के दौरान एक वेल्डर की आँख चली गई। वर्कमैन क्षतिपूर्ति के तहत क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। बल्लारशाह में हुई सांघातिक दुर्घटना को आत्महत्या करार दिए जाने वाले दोषी अधिकारियों के ऊपर भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
  • कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों विशेषकर NCL की निगाही,जयंत,अमलोरी, SECL की कुसमुंडा, गेवरा व WCL, ECL-राजमहल, MCL की गर्जनबहाल,तालचेर फील्ड्स,CCL, BCCL में हो रहे वृहद पैमाने पर डस्ट उत्पत्ति को रोकने हेतु कारगर उपाए जैसे स्मोग टावर,ग्रीन कॉरिडोर/चैनल,डस्ट कलेक्टर,रोड स्वीपर,व्हील वाशिंग पॉइंट,वाटर स्प्रिंग किलर लगाए जाएं। MCL के लखनपुर एरिया के बीच बनी वाशरी को हटाया जाए। जब तक संभव ना हो, उक्त क्षेत्र को वाल कॉरिडोर बनाकर सेपरेट किया जाए।स्मोग टावर,व्हील वाशिंग प्लांट, वाटर स्प्रीनकिलकर,ग्रीन बेल्ट चैनल/कॉरिडोर पाइप कन्वेयर डस्ट सेपरेशन हेतु प्रक्रिया में लाया जाए।ट्रक डिस्पैच के स्थान पर रेल डिस्पैच सिस्टम पूर्ण रूप से लागू किया जाए,वर्तमान में ट्रक लोडिंग हेतु शूट लोडिंग की व्यवस्था की जाए।
  • साइडिंग,रोड सेल और लीज होल्ड एरिया हेतु DGMS सर्कुलर जारी करे।
  • SSR प्रोक्योरमेंट हेतु अविलंब प्रक्रिया निर्धारित की जाए।
  • वर्षों से बंद पड़ी खुली खदान को पर्यटन के रूप में विकसित की जाए।
  • एयर एंबुलेंस का प्रावधान हर कंपनी में की जाए।
  • CTO, EC व FC (एसईसीएल की भटगांव 1&2 ,नवापारा बिश्रामपुर की कमदा व बलरामपुर खदान) हेतु कोल मंत्रालय का विशेष हतक्षेप चाहिए।
  • ऐसी अंडरग्राउंड माइन जो 120 मीटर से गहरी हैं,कि साइंटिफिक स्टडी कराकर 450 MT कोयले को NEW मेथड से निकाला जाए।
  • दुर्घटनाओं की पैरलल इन्क्वारी(पुलिस व डीजीएमएस ) रोकी जाए।
  • सभी कंपनियों में घटने वाले दुर्घटनाओं को मूल रूप में लाया जाए। स्टेटिकल दुर्घटनाओं के साथ नॉन स्टेटिकल दुर्घटनाओं को भी रिपोर्ट में सम्मिलित किया जाए साथ ही डेंजरस आकरेनस,नियर मिस,रेपोर्टेबल व माइनर एक्सीडेंट का भी विवरण सम्मलित किया जाना चाहिए।
  • रेल डिस्पैच को बढ़ावा व रोड डिस्पैच को कम किया जाए। जब तक संभव ना हो रोड डिस्पैच हेतु शूट लोडिंग की व्यवस्था की जाए।
  • CMR 2017 के रेगुलेशन 128 के अनुसार ओसीएम में फेंसिंग की व्यवस्था की जाए।
  • AFDSS हेतु AMC किया जाता है,फिर भी HEMM में आग लगने की घटनाएं कम नही हो रही हैं,रिस्पांसिबिलिटी तय की जाए व मद से कटौती की जाए।
  • डिस्कन्टीन्यू भूमिगत खदान व ओसीएम में ओवरमैन व माइनिंग सरदार के कार्य क्षेत्र का निर्धारण DGMS द्वारा किया जाए।
  • मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल सभी कंपनियों में बनाने के साथ डॉक्टर्स,पैरामेडिकल स्टाफ,इलेक्ट्रीशियन, इत्यादि आवश्यक पदों को ओपन वेकैंसी के तहत भरा जाए। MCL के जगन्नाथ क्षेत्र के अस्पताल को स्टेट गवर्नमेंट से वापस लिया जाए।
  • आउट साइडर मालिकों के वाहन जो हजारों की संख्या में माइन से कोल सम्प्रेषण करते हैं,का रोड वर्दीनेस प्रॉपर किया जाए ,इस हेतु इंजिनीयर्स की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।
  • दुर्घटनाओं के बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रतिवर्ष नेशनल सेफ्टी कान्फरेन्स की बैठक आयोजित की जाए।
  • ग्रुप VTC का आधुनिकीकरण किया जाए।सिम्युलेटर व 3D वर्चुअल प्रणाली का प्रयोग प्रशिक्षण हेतु किया जाए।
  • इको फ्रेंडली माइन व एक मॉडल माइन जिसमे सभी अधिकारी व कर्मचारी महिलाएं हो,नारी शशक्तिकरण के मातहत सभी कंपनियों में बनाया जाए।
  • माइनिंग सरदार व ओवरमैन का ओसीएम व डिस्कन्टीन्यू भूमिगत खदानों में DGMS के द्वारा कार्यक्षेत्र का निर्धारण किया जाए।
  • बंद पड़ी मैनराइडिंगों को अविलंब प्रारम्भ कराया जाए। .90 मीटर रोप डिस्टेंस के कारण लगे सेक्शन 22 को VECATE किया जाए।
  • वर्षों से बंद पड़ी ओसीएमों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए,जिससे रेवेन्यू के साथ इलीगल माइनिंग/दुर्घटनाओं से भी छुटकारा मिलेगा।
  • यूनिट से लेकर CIL तक के सुरक्षा समिति की बैठकों हेतु वार्षिक कैलेंडर माह अनुसार जारी किए जाएं।
  • पिट सेफ्टी कमेटी की बैठकों में माननीय कोयला मंत्री जी को वर्चुअल माध्यम से कभी कभी जुड़ना चाहिए।
  • कोल इंडिया में आयात किये जाने वाली मशीनों के स्पेयर पार्ट्स भारत मे बनाये जाएं। लेफ्ट हैंड ट्रैफिक रूल के तहत डम्पर की भारत मे डिज़ाइन की जाए।
  • बाहर से एक्सप्लोसिव आयात करने के बजाए कोल इंडिया को स्वयं की बारूद फैक्ट्री लगानी चाहिए।
  • कोल इंडिया की सभी कंपनियों में RR पॉलिसी को MCL के तर्ज पर आत्मसात किया जाए।
  • SMP पर व्यापक ध्यान देकर धरातल पर लागू करने की आवश्यकता है।सेफ्टी टॉक LED TV के माध्यम से ज्यादा प्रभावी होता है।सभी कंपनियों में अविलंब लागू किया जाए।
  • सेंट्रल वर्कशॉप को माइंस एक्ट के दायरे में लाया जाए।
  • LMV रोड का निर्माण वास्तविक रूप से किया जाए।कोल इंडिया के दिये आँकड़े पूर्णतः गलत हैं। LMV रोड प्रायः हाईवाल के किनारे बने हैं।शिफ्ट किये जायें। BCCL में 06 लोगों की मृत्यु प्रमुख कारण है।
  • सभी कंपनियों में प्रकाश का स्तर अत्यंत निम्नता की ओर है,ठीक किया जाए।
  • संडे कटौती के नाम पर आपातकालीन कार्य जैसे भूमिगत खदानों में टेलीफोन फिटर व हेल्पर को ना लगाना बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।व्यवस्था ठीक की जाए।
  • ओसीएम में HEMMS व UG में CM मशीनों में POXIMITY डिवाइस लगाना व उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
  • ICCC टेक्निक का उपयोग सभी कंपनियों में ड्रोन सर्वे के साथ सुनिश्चित किया जाए।

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