बालको : स्मेल्टर संयंत्र के क्षमता विस्तार को मिली पर्यावरणीय स्वीकृति

क्षमता विस्तार के बाद बालको दुनिया में एक ही स्थान पर 10 लाख टन एल्यूमिनियम उत्पादन करने वाला उद्योग बन जाएगा। स्मेल्टर संयंत्र के क्षमता विस्तार से सीधे तौर 1050 नए रोजगार का सृजन होगा तथा 4000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

कोरबा, 27 अप्रेल। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमटेड (Balco) के स्मेल्टर संयंत्र के क्षमता विस्तार के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 22 अप्रेल, 2022 को पर्यावरणीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस स्वीकृति में 300 मेगावाट को कैप्टिव पॉवर प्लांट भी सम्मिलित है।

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यहां बताना होगा कि स्मेल्टर संयंत्र के क्षमता विस्तार के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु फरवरी में लोक सुनवाई हुई थी।
प्रस्तावित एल्यूमिनियम स्मेल्टर विस्तार से बालको की उत्पादन क्षमता 5.75 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़कर लगभग 10.85 लाख टन प्रति वर्ष हो जाएगी। क्षमता विस्तार की अनुमानित लागत 6 हजार 387 करोड़ रुपए है।

क्षमता विस्तार के बाद बालको दुनिया में एक ही स्थान पर 10 लाख टन एल्यूमिनियम उत्पादन करने वाला उद्योग बन जाएगा। स्मेल्टर संयंत्र के क्षमता विस्तार से सीधे तौर 1050 नए रोजगार का सृजन होगा तथा 4000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

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एल्यूमिनियम उत्पादन क्षमता के आधार पर वर्तमान में बालको पूरी दुनिया में 34वें स्थान पर है। प्रस्तावित विस्तार क्षमता के मूर्त रूप ले लेने से बालको का दुनिया में स्थान 14वां हो जाएगा।

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उत्पादन क्षमता के आधार पर वर्तमान में बालको देश में दूसरे स्थान पर है। बालको के पास देश के बाजार का लगभग 22 फीसदी हिस्सा है। क्षमता में वृद्धि से बालको ‘वन मिलियन टन क्लब’ में शामिल हो जाएगा। पहले स्थान पर वेदांता समूह की ही कंपनी है जिसके स्मेल्टर ओडीशा के झारसुगुड़ा में स्थित हैं।

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