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कोरबा, 20 जून। छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों ने अब साझा मंच के माध्यम से संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया है। कोरबा पश्चिम स्थित ईरेक्टर हॉस्टल में आयोजित विभिन्न संगठनों की मैराथन बैठक में ओपीएस बहाली के लिए संयुक्त रणनीति बनाने तथा साझा मंच गठित करने पर सहमति बनी।

बैठक में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि विद्युत कंपनी के लगभग 9 हजार अधिकारी एवं कर्मचारियों का भविष्य पुरानी पेंशन योजना से जुड़ा हुआ है। सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओपीएस की बहाली आवश्यक है। इस मुद्दे पर सभी संगठनों ने एक स्वर में संघर्ष को तेज करने की आवश्यकता जताई।

बैठक में अभियंता संघ के शशांक कर्महे, आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसुदेव भगत, प्रयाग सिंह कंवर, हर्षवर्धन पाटले, कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी, फेडरेशन-01 के प्रांतीय महासचिव आर.सी. चेट्टी, इंटक-56 के प्रांतीय अध्यक्ष राम इकबाल, पत्रोपाधि अभियंता संघ के मनोज पटेल तथा युवा अभियंताओं की ओर से प्रतीक शुक्ला और जमीर अहमद सहित विभिन्न संगठनों के केंद्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

27 जून को रायपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक

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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी संगठनों का एक साझा मंच जल्द गठित किया जाएगा। इसके लिए 27 जून 2026, शनिवार को दोपहर 12 बजे रायपुर स्थित डंगनिया मुख्यालय में अभियंता संघ कार्यालय में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विद्युत क्षेत्र के सभी प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा तथा साझा मंच के औपचारिक गठन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और हड़ताल

बैठक में यह भी तय किया गया कि साझा मंच के गठन के बाद कंपनी प्रबंधन एवं राज्य शासन के समक्ष ओपीएस लागू करने की मांग को मजबूती से रखा जाएगा। यदि समयबद्ध एवं सकारात्मक पहल नहीं होती है तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और हड़ताल की रणनीति तैयार की जाएगी।

वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना केवल एक वित्तीय व्यवस्था नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।

आयोजन में रही महत्वपूर्ण भूमिका

बैठक के आयोजन में मनोज वर्मा, सम्मेलाल श्रीवास, शरद सोनी और क्रांति कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन शब्बीर मेमन ने किया।

बैठक के अंत में सभी संगठनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि “पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों का अधिकार है और इसकी बहाली के लिए सभी संगठन अब एकजुट होकर व्यापक एवं निर्णायक संघर्ष करेंगे।”

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