Tuesday, February 10, 2026
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छत्तीसगढ़ का दूसरा मिलेट कैफे कोरबा में हुआ शुरू, सेहत से भरपूर मिलेट्स के व्यंजनों का ले सकेंगे स्वाद

इस अवसर पर महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि दुनियाभर में साल 2023 को इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर के रूप में मनाया जा रहा है।

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कोरबा 23 फरवरी : छत्तीसगढ़ का दूसरा मिलेट कैफे (Millet Cafe) कोरबा शहर में शुरू हो गया है। मिलेट कैफे में सेहत से भरपूर व्यंजनों का जिलेवासी स्वाद ले सकेंगे। महापौर राज किशोर प्रसाद और कलेक्टर संजीव झा ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी में कोरबा शहर के निहारिका में स्मृति उद्यान के सामने जिले के पहले मिलेट्स कैफे का फीता व केक काटकर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि दुनियाभर में साल 2023 को इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबा में अब जिले के पहले मिलेट्स कैफे की शुरुआत हो गई है। इस कैफे में सेहत के लिए भरपूर मिलेट्स के व्यंजन का स्वाद लोग ले सकेंगे।

कलेक्टर संजीव झा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुसार कोरबा जिले में भी पहले मिलेट्स कैफे का शुभारंभ किया गया है। यह कैफे रायगढ़ जिले के बाद प्रदेश का दूसरा मिलेट कैफे है। कलेक्टर श्री झा ने कहा कि इस मिलेट्स कैफे में कोदो, कुटकी ,रागी समेत अन्य लघु धान्य फसलों से निर्मित व्यंजन जैसे इडली, डोसा, पोहा, उपमा ,भजिया खीर ,हलवा, कुकीज , मोल्ड के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे। मिलेट्स के सभी उत्पाद सेहत के लिए भरपूर फायदेमंद है।

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कलेक्टर श्री झा ने कहा कि मिलेट्स कैफे का संचालन महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जाएगा। इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे। श्री झा ने कहा कि जिले के किसानों के लिए मिलेट्स उत्पादों के बाजार की समस्या नहीं रहेगी। इससे किसानों को भी फायदा भी होगा।

उल्लेखनीय है कि मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने और इनसे मिलने वाले पोषक तत्वों के बारे में जन जागरूकता के लिए वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। मिलेट्स के अंतर्गत मुख्य रूप से कोदो, कुटकी और रागी की खेती होती है। इसके उत्पादन को मिल रहे प्रोत्साहन से किसानों का भी उत्साह बढ़ा है। कोरबा के पहले मिलेट्स कैफे की शुरुआत जिला प्रशासन की पहल व सहयोग से हुआ है। इसका संचालन नव जागृति महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। इससे महिला स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

मिलेट क्या होता है

मोटे अनाज को मिलेट कहते हैं। यह 2 प्रकार का होता है एक मोटा दाना और दूसरा छोटा दाना। मिलेट में ज्वार (शबर्त), बाजरा, रागी (मडुआ), झंगोरा, बैरी, कंगनी, कुटकी ( (लघु धान्य), कोदो, चेना (चीना), सामा या सांवा और जौ आदि आते हैं।

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