नई दिल्ली। IndustrialPunch : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी के सह-संयोजक एवं प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं और चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
अभिजीत के मामले में पुलिस के व्यवहार पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका ने पिछले 72 घंटों की घटनाओं का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने अभिजीत की दादी के निधन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि परिवार में हुई मौत की जानकारी दिए जाने के दौरान भी पुलिसकर्मी कैमरे और माइक लेकर मौजूद थे।
रांका के मुताबिक, अभिजीत ने अपने माता-पिता की सेहत का हवाला देते हुए अपने कजन से बात करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने इस घटनाक्रम को पुलिस की संवेदनशीलता और हिरासत के दौरान व्यक्ति के साथ किए जाने वाले व्यवहार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
चार पूर्व मुख्यमंत्रियों का किया जिक्र
आशुतोष रांका ने पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनाराई विजयन का उल्लेख करते हुए लोकतंत्र बचाने के लिए छात्रों और युवाओं के साथ सड़क पर उतरने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर चिंता जाहिर की और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा उठाया।
हिरासत और मोबाइल फोन की जांच को लेकर आशंका
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने हिरासत के दौरान अपने साथ हुए घटनाक्रम का विवरण दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आरकेपुरम थाने में रखा गया था, जबकि आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को दूसरी जगह रखा गया था।
दास ने आशंका जताई कि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की जांच की और उनमें सबूत रखे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, फोन में सबूत रखे जाने के उनके संदेह की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सौरव दास ने मौजूदा हालात की तुलना वर्ष 1975 के आपातकाल से करते हुए देश में खुली इमरजेंसी जैसी स्थिति होने का आरोप लगाया। यह उनकी ओर से व्यक्त की गई राजनीतिक टिप्पणी थी।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियों पर भी उठाए सवाल
सौरव दास ने दावा किया कि पिछले तीन-चार दिनों के दौरान दिल्ली में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई और 30 हजार से 40 हजार सुरक्षा कर्मियों को बुलाया गया। उन्होंने मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने, दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनों पर रोक, राजधानी एक्सप्रेस रद्द होने और दुकानों के बंद रहने का जिक्र करते हुए कहा कि इन कदमों से आम नागरिकों को भी परेशानी हुई।
उन्होंने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की संख्या, परिवहन सेवाओं पर प्रतिबंध और ट्रेनों के रद्द होने से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, पुलिस की कार्रवाई, हिरासत में रखे गए लोगों के साथ व्यवहार और दिल्ली में लागू पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
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