कोरबा। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के कर्मचारियों के वर्ष 2026 के परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (PLR) की राशि ₹1,10,250 तय हो चुकी है। बोनस की कुल राशि में लगातार बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बोनस में सालाना बढ़ोतरी की दर लगातार नीचे आई है। 2023 में जहां PLR में 11.11 फीसदी की वृद्धि हुई थी, वहीं 2024 में यह 10.29 फीसदी, 2025 में 9.87 फीसदी और 2026 में घटकर 7.04 फीसदी रह गई।
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2023 में कोल इंडिया कर्मचारियों को ₹85,000 बोनस मिला था। 2024 में यह राशि बढ़कर ₹93,750 हुई। यानी एक साल में ₹8,750 की बढ़ोतरी हुई, जो 10.29 फीसदी थी। इसके बाद 2025 में बोनस ₹1,03,000 पहुंचा और पिछले वर्ष की तुलना में ₹9,250 यानी 9.87 फीसदी की वृद्धि हुई। अब 2026 में PLR ₹1,10,250 तय हुआ है। पिछले साल के मुकाबले राशि में ₹7,250 की बढ़ोतरी हुई, लेकिन प्रतिशत वृद्धि घटकर 7.04 फीसदी रह गई।
इस तरह आंकड़े बताते हैं कि 2023 से 2025 तक बोनस की रुपये में बढ़ोतरी लगातार बढ़ती रही। 2023 में ₹8,500 की वृद्धि हुई थी, जो 2024 में ₹8,750 और 2025 में ₹9,250 हो गई, लेकिन 2026 में यह बढ़ोतरी घटकर ₹7,250 रह गई। यानी 2025 की तुलना में इस बार बोनस की अतिरिक्त बढ़ोतरी ₹2,000 कम रही।
10 फीसदी की बढ़ोतरी होती तो
यदि 2026 में भी 2025 की तरह कम से कम 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती तो ₹1,03,000 पर PLR करीब ₹1,13,300 बनता। इस हिसाब से तय ₹1,10,250 से करीब ₹3,050 अधिक राशि होती। वहीं, यदि 2025 में हुई ₹9,250 की बढ़ोतरी को ही 2026 में दोहराया जाता तो PLR ₹1,12,250 होता, जो मौजूदा राशि से ₹2,000 अधिक है।
2026 के PLR के निर्धारण के लिए कोल इंडिया प्रबंधन ने एपेक्स जेसीसी के माध्यम से यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इसमें श्रमिक संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे। कई दौर की चर्चा के बाद ₹1,10,250 की राशि पर सहमति बनी।
बोनस की राशि बढ़ने के बावजूद वृद्धि दर में आई गिरावट अब चर्चा का विषय बन गई है। 2023 में 11.11 फीसदी की वृद्धि से शुरू हुआ ग्राफ 2024 में 10.29 फीसदी, 2025 में 9.87 फीसदी और 2026 में 7.04 फीसदी पर आ गया। यानी चार वर्षों में बोनस वृद्धि दर में 4.07 प्रतिशत अंक की कमी आई है।
मोलभाव की रणनीति को लेकर भी चर्चा
इसी वजह से कर्मचारियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब पिछले वर्षों में बोनस की राशि में ₹8,500 से ₹9,250 तक की बढ़ोतरी होती रही, तो 2026 में यह बढ़ोतरी घटकर ₹7,250 क्यों रह गई? यूनियन की बातचीत और प्रबंधन के साथ मोलभाव की रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज है।
2023 के ₹85,000 से 2026 के ₹1,10,250 तक देखें तो तीन वर्षों में बोनस कुल ₹25,250 बढ़ा है, यानी 2023 की तुलना में करीब 29.71 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं 2025 के ₹1,03,000 के मुकाबले 2026 में ₹7,250 यानी 7.04 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
मैनपावर घटा, उत्पादन बढ़ा—फिर PLR की रफ्तार क्यों घटी?
अब कोयला कर्मचारियों के बीच चर्चा इस बात की है कि क्या 2026 के PLR को ₹1.12 लाख या उससे अधिक तक ले जाने की गुंजाइश थी। कोल इंडिया की मौजूदा स्थिति को देखें तो कंपनी में मैनपावर में लगातार कमी आई है, जबकि इसके विपरीत कोयला उत्पादन में साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कंपनी की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है और मुनाफा संतोषजनक स्तर पर है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कम कर्मचारियों के साथ उत्पादन बढ़ रहा है और कंपनी का प्रदर्शन बेहतर बना हुआ है, तो PLR में बढ़ोतरी की दर 2026 में घटकर 7.04 फीसदी क्यों रह गई?
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हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि वृद्धि दर में गिरावट का एकमात्र कारण यूनियन का दबाव कम होना है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि 2026 में PLR की राशि तो बढ़ी है, लेकिन बढ़ोतरी की रफ्तार पिछले वर्षों की तुलना में कमजोर रही है।
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