केन्द्र सरकार ने चार लेबर कोड ( four labour codes) लागू कर दिया है। इधर, देश के दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी) तथा अन्य संगठनों के मंच ने विरोध में 26 नवंबर को आंदोलन करने का ऐलान किया है।
कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन सनोज कुमार झा चार लेबर कोड को लेकर संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है भारत में लागू की गई चार श्रम संहिताएं श्रम विधिक ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक हैं।
पढ़ें कोल इंडिया के चेयरमैन का संदेश
कोल इंडिया लिमिटेड अपनी सभी ट्रेड यूनियनों तथा सहायक कंपनियों में कार्यरत समर्पित कार्यबल के साथ स्थापित दीर्घकालिक साझेदारी, सौहार्द, उत्पादकता और प्रगतिशील औद्योगिक संबंधों की गहरी सराहना करता है। भारत में लागू की गई चार श्रम संहिताएँ श्रम विधिक ढाँचे में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक हैं, जिनका उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, श्रमिक कल्याण को सुदृढ़ करना तथा संगठनात्मक दक्षता को बढ़ाना है।
कोल इंडिया लिमिटेड सभी ट्रेड यूनियनों एवं कर्मचारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह करता है कि वे श्रम संहिताओं के सुचारु एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपना निरंतर सहयोग, समझ और समर्थन प्रदान करते रहें। ये सुधार हमारे साझा संकल्प को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं, जिसके माध्यम से श्रमिकों को बेहतर लाभ, विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा, लैंगिक समानता, सुरक्षा, कल्याण तथा कौशल विकास पर अधिक केंद्रित प्रयास उपलब्ध कराए जा सकेंगे। एकीकृत श्रम ढांचा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, लाभों की समय पर उपलब्धता और मानकों की एकरूपता सुनिश्चित करेगा, जिससे कर्मचारियों एवं संगठन, दोनों को लाभ होगा।
यह उल्लेख करना आवश्यक है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी को लंबे समय तक चलने वाले मानसून का प्रतिकूल प्रभाव झेलना पड़ा, और हमारी कई सहायक कंपनियाँ अभी भी इसके प्रभावों से पूरी तरह उभरने की प्रक्रिया में हैं। परिणामस्वरूप, कंपनी वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक निर्धारित वार्षिक प्रगतिशील लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकी है, और न ही पिछले वर्ष की समान अवधि के वास्तविक उत्पादन स्तर को हासिल कर पाई है। इस परिप्रेक्ष्य में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि किसी भी प्रकार की नकारात्मक गतिविधि या अवरोध उत्पादन में मौजूदा कमी को और बढ़ा सकता है तथा कंपनी के समग्र प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
अतः नए श्रम ढाँचे में सुगम परिवर्तन सुनिश्चित करने, औद्योगिक शांति बनाए रखने, तथा कोयला क्षेत्र की निरंतर प्रगति और स्थिरता के लिए आपका सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आइए, कोल इंडिया लिमिटेड के मार्गदर्शक सिद्धांतों की भावना के अनुरूप सौहार्द, प्रगति और कल्याण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ करें, ताकि हमारे देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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