केन्द्र सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिया है। इनमें एक है औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code 2020), जिसे ट्रेड यूनियनों, छंटनी, औद्योगिक विवादों से संबंधित कानूनों को समेकित और संशोधित करने तथा समान परिभाषाएं प्रदान करके अनुपालन को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के लागू होने से नियमों की संख्या 105 से घटकर 51, प्रपत्रों की संख्या 37 से घटकर 18, और रजिस्टरों की संख्या 3 से घटकर शून्य हो गई है।
ट्रेड यूनियनों को वैधानिक मान्यता
औद्योगिक संबंध संहिता 2020 में श्रमिक संगठनों की मान्यता को लेकर बदलाव हुए हैं। इस कोड में ट्रेड यूनियनें, जिन्हें पहले औपचारिक मान्यता नहीं थी, अब कानूनी मान्यता प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट रास्ता पाती हैं। एक प्रतिष्ठान में 51 प्रतिशत सदस्यता वाली यूनियन को सौदेबाजी यूनियन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिसके पास सामूहिक सौदेबाजी और शिकायत निवारण में श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने का विशिष्ट अधिकार होगा। यदि यह सीमा पूरी नहीं होती है, तो समझौता परिषद का गठन किया जाएगा, जिसमें कम से कम 20 प्रतिशत सदस्यता वाली सभी ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join









