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कोरबा, 14 फरवरी। बजट सत्र के दौरान संसद में कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी (Coal Minister G Kishan Reddy) ने एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार ने कोयला खदानों के आधुनिकीकरण के लिए क्या- क्या कदम उठाए हैं।

कोयला मंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रौद्योगिकीय कार्रवाई के माध्यम से देश में कोयला खानों के आधुनिकीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। इस संबंध में, कोयला मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) ने परिचालन दक्षता, सुरक्षा और संधारणीयता को बढ़ाने के उद्देश्य से अन्वेषण और योजना से लेकर खनन कार्यों और कोयला निकासी तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में उपाय किए हैं।

प्रमुख पहलों में शामिल हैं :

  • अत्याधुनिक तकनीक से लैस उच्च क्षमता वाले उत्खननकर्ताओं और डंपरों की तैनाती; हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी का मानकीकरण और ओपनकास्ट खदानों में सरफेस माइनर्स की तैनाती; भूमिगत खदानों में जहां भी संभव हो, बड़े पैमाने पर उत्पादन प्रौद्योगिकियों जैसे कंटीन्यूअस माइनर्स, लॉन्गवॉल और हाईवॉल खनन प्रणालियों की शुरुआत।
  • एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्रों की स्थापना, ऑपरेटर स्वतंत्र ट्रक डिस्पैच सिस्टम, जीपीएस-आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान-आधारित बूम बैरियर और सीसीटीवी-आधारित ई-निगरानी प्रणाली जैसी सूचना प्रौद्योगिकी पहलों का कार्यान्वयन।
  • कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सात कोयला खदानों में मशीन दक्षता, ऑपरेटर दक्षता, पुर्जी और उपभोग्य सामग्रियों, ठेकेदार की दक्षता, योजना-निगरानी अनुपालन और स्वास्थ्य-सुरक्षा-पर्यावरण में डिजिटल परिवर्तन पायलट परियोजना (डिजीकोल) का कार्यान्वयन।
  • कोयला परिवहन और रेक लोडिंग कार्यों के मशीनीकरण की दिशा में फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाएं।

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