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धनबाद (Industrial Punch Desk) : वर्ष 2013 में हुई जामुनिया खदान दुर्घटना (Jamunia mine accident case) से जुड़े बहुचर्चित मामले में धनबाद की अदालत ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के छह अधिकारियों को बरी कर दिया है। लगभग 13 वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी आरोपित अधिकारियों को दोषमुक्त घोषित करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।

यह मामला वर्ष 2013 में धनबाद जिले के निरसा स्थित बसंतीमाता कोलियरी में हुई दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें खदान की छत (रूफ) धंसने से चार मजदूरों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के समय खदान में करीब 175 श्रमिक कार्यरत थे, जिनमें से 171 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

दुर्घटना के बाद पानचेत थाना में BCCL के छह अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 288, 337, 338 और 304 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपित अधिकारियों में तत्कालीन महाप्रबंधक तारा शिश मंडल, परियोजना पदाधिकारी एके सिंह, प्रबंधक पीएल दास, वरिष्ठ कार्मिक पदाधिकारी उन्नीकृष्णन, कोलियरी सुरक्षा अधिकारी आरके सिंह तथा एरिया सेफ्टी मैनेजर ए बनर्जी शामिल थे।

जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस के अनुसार, जिस खदान में हादसा हुआ था, उसे पहले सुरक्षा कारणों से बंद किया गया था और बाद में दोबारा शुरू किया गया था।

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लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सभी छह अधिकारियों को बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के साथ ही 2013 के इस चर्चित खदान दुर्घटना मामले का कानूनी अध्याय समाप्त हो गया है।

कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिक संगठनों की नजरें लंबे समय से इस मामले पर टिकी थीं। अदालत के इस निर्णय को कोयला क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।

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