नई दिल्ली, 02 अगस्त। मंगलवार को नई दिल्ली में कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ यूनियन की बैठक हुई। बैठक में कोयला कामगारों के वेतन समझौते और JBCCI की बैठकों को लेकर चर्चा हुई। बताया गया है कि बैठक सकारात्मक रही है।

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कोयला मंत्री ने कोल सेक्रेटरी अनिल जैन से जेबीसीसीआई की बैठकों को प्राथमिकता देने कहा। श्री जोशी ने जेबीसीसीआई बैठकों की अवधि बढ़ाने भी कहा। संसद परिसर स्थित कोयला मंत्री के कार्यालय में यह मुलाकात हुई। मंत्री ने मुश्किल से 15 मिनट का समय दिया। लिहाजा वेतन समझौते को लेकर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।

सीटू नेता डीडी रामनंदन ने डीपीई के नियमों का मुद्दा उठाया और कोयला कामगारों के वेतन समझौते के लिए इसे थोड़ा शिथिल करने की बात कही। कोयला मंत्री के ध्यान में एनसीएल में फिक्स्ड टाइम एम्प्लॉयमेंट (डंपर ऑपरेटर) के फैसले को लाया गया। श्री जोशी ने कहा ग्रोथ के बावजूद इस तरह का निर्णय उचित नहीं है। इससे अनावश्यक असंतोष उत्पन्न होगा। कोल सेक्रेटरी से इसे देखने कहा। सीआईएल की ज्यादातर कंपनियों में निदेशक कार्मिक के नहीं होने की बात भी कोयला मंत्री के संज्ञान में लाई गई।

के. लक्ष्मा रेड्डी ने बताया कि कोयला मंत्री ने आश्वस्त किया है कि जेबीसीसीआई की बैठकों में तेजी लाई जाएगी। बीएमएस नेता श्री रेड्डी ने बैठक के दौरान सीआईएल प्रबंधन को आड़े हाथों लिया और कहा कि महज 3 फीसदी एमजीबी का प्रस्ताव देकर कामगारों का मजाक उड़ाया गया।

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कोयला मंत्री के साथ हुई बैठक में सीटू के डीडी रामांनदन, के. लक्ष्मा रेड्डी (बीएमएस), नाथूलाल पांडेय (एचएमएस), आरसी सिंह (एटक) सम्मिलित हुए। कोल सचिव अनिल जैन और कोयला अपर सचिव नागराजन भी उपस्थित थे।

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