नई दिल्ली। IndustrialPunch : बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार कम होने से बिजली संकट की आशंकाओं के बीच कोयला मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के अनुसार, बिजली क्षेत्र को कोयले की दैनिक आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम स्तर से लगभग 36% बढ़ी है, जबकि अक्टूबर में औसत आपूर्ति सितंबर की तुलना में करीब 9% अधिक रही है।
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रोजाना 465 से अधिक रेक से हो रही ढुलाई
मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर में प्रतिदिन औसतन 465 से अधिक रेक के माध्यम से कोयले की ढुलाई की गई। लगातार तीन दिनों तक 470 रेक प्रतिदिन लोडिंग का लक्ष्य भी हासिल किया गया। सड़क मार्ग से होने वाली आपूर्ति में भी सुधार हुआ है।
कोयला भंडार घटने की रफ्तार आधी से कम
सितंबर में बिजली संयंत्रों का कोयला भंडार प्रतिदिन औसतन 0.243 मिलियन टन घट रहा था, जो अक्टूबर में कम होकर 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन रह गया। मंत्रालय के अनुसार, भंडार में गिरावट की रफ्तार कम हुई है, लेकिन भंडार दोबारा बढ़ाने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।
क्रिटिकल स्टॉक का मतलब कोयला खत्म होना नहीं
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ‘क्रिटिकल स्टॉक’ निर्धारित मानकों से कम भंडार का संकेत है। इसका मतलब यह नहीं कि संयंत्र में कोयला समाप्त हो गया है या तत्काल बंद होने का खतरा है। कम भंडार वाले संयंत्रों पर निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार कोयले का पुनर्वितरण किया जा रहा है।
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मंत्रालय को उम्मीद है कि प्रतिदिन 465–475 रेक की लोडिंग जारी रहने से आगामी त्योहारों, सर्दियों और गर्मियों की मांग से पहले कोयला भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके लिए कोयला, रेल और विद्युत मंत्रालय आपसी समन्वय से आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
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