Sunday, February 15, 2026
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कमॅर्शियल कोल माइनिंग : 12वें दौर का शुभारंभ, कोयला मंत्री बोले- हर नीलामी से रोज़गार को बढ़ावा मिल रहा

कोयला मंत्री ने अपने उद्बोधन में एक बिलियन टन (BT) कोयला उत्पादन को पार करने की भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की।

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नई दिल्ली, 27 मार्च। गुरुवार को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने वाणिज्यिक कोयला खदान (Commercial coal mining) नीलामी के 12वें दौर का शुभारंभ किया। 12वें दौर में सात राज्यों में स्थित 23 कोल एवं दो लिग्नाइट खदानों की नीलामी होगी।

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कोयला मंत्री ने अपने उद्बोधन में एक बिलियन टन (BT) कोयला उत्पादन को पार करने की भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य सरकारों, कोयला कंपनियों, खदान श्रमिकों, उद्योग के खिलाड़ियों और स्थायी कोयला खनन के लिए प्रतिबद्ध सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है।

श्री रेड्डी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कोयला क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ बना हुआ है, जो देश की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करता है। महाकुंभ के दौरान इसकी महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट थी, जहां कोयले से चलने वाले बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स ने भव्य आयोजन को निर्बाध रूप से समर्थन दिया।

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उत्पादन और स्थिरता के बीच संतुलन पर जोर देते हुए उन्होंने राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और दक्षता बढ़ाने के लिए राज्य खनन सूचकांक की शुरुआत का उल्लेख किया। अब तक 11 दौर में नीलाम की गई 125 कोयला खदानों ने 40,900 करोड़ का निवेश आकर्षित किया है और 4 लाख से ज़्यादा नौकरियां पैदा की हैं। 12वें चरण में 25 और कोयला और लिग्नाइट ब्लॉक की पेशकश के साथ, भारत आयात कम करने, विदेशी मुद्रा का संरक्षण करने और आत्मनिर्भर भारत को मज़बूत करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठा रहा है।

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उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर कोयला नीलामी रोज़गार को बढ़ावा देती है, रसद को मज़बूत करती है और डाउनस्ट्रीम उद्योगों को बढ़ावा देती है। सार्वजनिक उपक्रमों और निजी खिलाड़ियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भारत के कोयला क्षेत्र में दक्षता, सुधार और परिवर्तन के एक नए युग की शुरुआत की है।

इस दौरान केन्द्रीय कोयला केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 12वें दौर की वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि यह पहल भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, उद्योग-अनुकूल नीतियों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से न केवल कोयला उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को भी बल मिलेगा।

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कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे वाणिज्यिक कोयला खनन ने 2020 से इस क्षेत्र को बदल दिया है। प्रत्येक नीलामी के साथ, कोयला क्षेत्र नए निवेश को खोल रहा है, रोजगार पैदा कर रहा है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।

 

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