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नई दिल्ली, 30 अगस्त। एक जड़ी-बूटी – एक मानक को प्रोत्‍साहन देने और अन्‍तर मंत्रालय सहयोग के लिए आयुष मंत्रालय के अन्‍तर्गत भारतीय चिकित्‍सा एवं होम्‍योपैथी फार्माकोपिया आयोग और केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय के भारतीय फार्माकोपिया आयोग के बीच आज एक समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षर किए गए।

भारतीय चिकित्‍सा और होम्‍योपैथी फार्माकोपिया आयोग के निदेशक प्रोफेसर वैद्य पी के प्रजापति और सचिव सह वैज्ञानिक निदेशक राजीव सिंह रघुवंशी ने इस समझौता ज्ञापन पर आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की मौजूदगी में हस्‍ताक्षर किए।

इस अवसर पर श्री कोटेचा ने कहा कि समझौता ज्ञापन का उद्देश्‍य दोनों संगठनों के बीच जड़ी-बूटी आधारित दवाओं के मानक तय कर जन स्‍वास्‍थ्‍य को प्रोत्‍साहन देना है।

उन्‍होंने कहा कि दोनों संस्‍थान समान कार्य करते हैं। इसलिए यह तर्कसंगत और सार्थक है कि दोनों मिलकर एक जड़ी-बूटी एक मानक का लक्ष्‍य हासिल करें।

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समझौता ज्ञापन से दोनों संस्‍थानों के बीच परंपरागत औषधियों की मानकीकरण, वैज्ञानिक सूचनाएं और अन्‍य सामग्री का आदान-प्रदान तथा मिलकर संगोष्ठियां, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण आदि आयोजित करने में मदद मिलेगी।

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