Tuesday, August 11, 2026
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Vedanta की नई कंपनियों पर Index Reshuffle का बड़ा असर! ₹1,400 करोड़ के Passive Inflow का अनुमान

ग्रुप की सभी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। Vedanta Power को जून तिमाही में ₹423 करोड़ का Consolidated Loss हुआ।

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मुंबई | Industrial Punch : वेदांता ग्रुप की नई सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सितंबर 2026 का Index Reshuffle महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। नुवामा के अनुमान के मुताबिक, Vedanta Aluminium, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Power और Vedanta Iron & Steel में कुल करीब 159 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1,400 करोड़ का Passive Inflow आने की संभावना है।

इसमें सबसे बड़ा हिस्सा Vedanta Aluminium को मिलने की उम्मीद है। कंपनी को Nifty 100 में शामिल किए जाने के बाद Index-tracking और Passive Funds की ओर से खरीदारी बढ़ सकती है।

Vedanta Aluminium के प्रदर्शन में जबरदस्त उछाल

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Vedanta Aluminium का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का Net Profit 216 प्रतिशत बढ़कर ₹5,629 करोड़ पहुंच गया, जबकि Revenue में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह ₹21,393 करोड़ रहा।

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वहीं Vedanta Oil & Gas ने भी शानदार वापसी करते हुए घाटे से निकलकर ₹945 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। Vedanta Iron & Steel ने जून तिमाही में ₹122 करोड़ का Profit दर्ज किया।

Vedanta Power का प्रदर्शन कमजोर

ग्रुप की सभी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। Vedanta Power को जून तिमाही में ₹423 करोड़ का Consolidated Loss हुआ। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को ₹88 करोड़ का Profit हुआ था।

इसके बावजूद Index में होने वाले बदलाव के कारण Passive Funds की नजर Vedanta Group की इन कंपनियों पर बनी रह सकती है।

30 सितंबर से लागू होगा Index Reshuffle

NSE के Index में प्रस्तावित बदलाव 30 सितंबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत Vedanta Aluminium को Nifty 100 में शामिल किया जाएगा।

वहीं Indian Hotels, Lodha Developers, REC, Shree Cement और United Spirits को Nifty 100 से बाहर किया जाएगा। इस बदलाव का असर Nifty Next 50 के composition पर भी पड़ेगा।

Passive Inflow का मतलब क्या?

किसी कंपनी के बड़े Index में शामिल होने पर उस Index को track करने वाले Passive Funds और Exchange Traded Funds को अपने portfolio में उस कंपनी के शेयर शामिल करने पड़ सकते हैं। इससे शेयर में संभावित institutional buying बढ़ सकती है।

हालांकि, Index में शामिल होना शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं है। निवेशकों के लिए कंपनी के financial performance, valuation, future growth और business prospects को भी देखना जरूरी है।

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