नई दिल्ली | Industrial Punch : केंद्र सरकार ने Colliery Control Rules, 2004 में बड़ा संशोधन करते हुए Colliery Control (Amendment) Rules, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। कोयला मंत्रालय की ओर से यह अधिसूचना 6 अगस्त 2026 को जारी की गई और राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी कर दी गई है।
नए नियमों में कोयला खदान, कोयला सीम या सीम के किसी हिस्से को खोलने तथा लंबे समय से बंद खदान में दोबारा खनन शुरू करने के लिए पूर्व अनुमोदन की व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है।
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कंपनियों के लिए Board Approval जरूरी
संशोधित नियमों के अनुसार, यदि कोयला खदान का मालिक Companies Act, 2013 के तहत पंजीकृत कंपनी है, तो खदान या कोयला सीम खोलने से पहले कंपनी के Board की मंजूरी जरूरी होगी।
वहीं, केंद्रीय या राज्य कानून के तहत स्थापित किसी Statutory Corporation के स्वामित्व वाली खदान के मामले में संबंधित Governing Authority, Board या Committee की पूर्व मंजूरी आवश्यक होगी।
मंजूरी देते समय यह भी सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित वैधानिक निकायों से जरूरी सभी अनुमतियां हासिल की गई हैं और निर्धारित Compliance पूरा किया गया है।
खदान खोलने के 15 दिन के भीतर सूचना देनी होगी
संशोधित नियमों में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि खदान, सीम या सीम के किसी हिस्से को खोलने के बाद 15 दिनों के भीतर Coal Controller Organisation (CCO) को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। CCO इस सूचना के लिए एक निर्धारित Form भी तय कर सकता है।
गैर-कंपनी खदानों के लिए CCO की पूर्व मंजूरी
यदि किसी कोयला खदान का मालिक न तो Companies Act, 2013 के तहत पंजीकृत कंपनी है और न ही केंद्रीय या राज्य कानून के तहत स्थापित Statutory Corporation है, तो ऐसी खदान को खोलने के लिए Coal Controller Organisation की पूर्व मंजूरी जरूरी होगी।
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180 दिन या उससे ज्यादा बंद खदान पर भी लागू होंगे नियम
नए नियमों का दायरा केवल नई खदान खोलने तक सीमित नहीं है। यदि किसी खदान, सीम या सीम के किसी हिस्से में 180 दिन या उससे अधिक समय तक खनन गतिविधि बंद रही है, तो दोबारा Mining Operation शुरू करने पर भी संशोधित नियम लागू होंगे।
इसके अलावा, Coal Controller Organisation केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अन्य वैधानिक निकायों से आवश्यक अनुमतियों की Indicative List भी तैयार करेगा।
कोयला उद्योग के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
नए संशोधन से कोयला खदानों को खोलने और लंबे समय से बंद खदानों में दोबारा उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया में Approval और Compliance की जिम्मेदारियां अधिक स्पष्ट हो गई हैं। खास तौर पर बड़ी कोयला कंपनियों, Statutory Corporations और अन्य खदान मालिकों को अब संशोधित प्रावधानों के अनुसार अपनी प्रक्रियाएं सुनिश्चित करनी होंगी।
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