NTPC कोरबा हॉस्पिटल का साढ़े चार साल बगैर लाइसेंस हुआ संचालन, नया लाइसेंस भी गलत तरीके से मिला

छत्तीसगढ़ में राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम, 2013 (CG Nursing Home Act) लागू है।

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कोरबा, 07 अगस्त (Industrial Punch Desk): नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन, कोरबा का विभागीय हॉस्पिटल साढ़े चार साल तक बगैर लाइसेंस चलता रहा। जब लाइसेंस जारी किया गया, तो इसे जारी करने मेंं भी नियमों का घोर उल्लंघन किया गया।

एनटीपीसी, कोरबा (NTPC Korba) जमनीपाली का आवासीय परिसर में 70 बेड का हॉस्पिटल संचालित है। हाल ही में इसका नया नामकरण करते हुए “एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल- नवजीवन” नाम दिया गया है।

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छत्तीसगढ़ में राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम, 2013 (CG Nursing Home Act) लागू है। इसके अंतर्गत समस्त निजी, पब्लिक सेक्टर्स को अस्पतालों का संचालन करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना होता है।

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एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल को 17 मार्च, 2025 को सीजी नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस (नम्बर KORB0181/HOS) जारी किया गया है, जिसकी अवधि 16 मार्च, 2030 तक की है। इसके पूर्व एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल को 27 सितम्बर, 2015 से 26 सितम्बर, 2020 तक की अवधि के लिए लाइसेंस (नम्बर KORB0076/HOS) जारी हुआ था। सीजी नर्सिंग होम एक्ट के तहत जो लाइसेंस जारी होता है उसकी वैधता पांच साल की होती है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल (NTPC Korba Hospital) 27 सितम्बर, 2020 से 16 मार्च, 2025 यानी चार साल पांच माह 16 दिन तक बगैर लाइसेंस संचालित होता रहा।

सीधे शब्दों में कहा जाए तो पब्लिक सेक्टर का बड़ा औद्योगिक प्रतिष्ठान का अस्पताल अवैधानिक तरीके से लगभग साढ़े चार साल तक संचालित होता रहा और संबंधित विभागों ने इसे संज्ञान में नहीं लिया।

इस मामले में एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल, एनटीपीसी कोरबा प्रबंधन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा कार्यालय की भूमिका संदेह के दायरे में है।

नया लाइसेंस जारी करने में नियमों का घोर उल्लंघन किया

एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल को 17 मार्च, 2025 को जो लाइसेंस जारी किया गया है, उसे जारी करने में नियमों को घोर उल्लंघन हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा कार्यालय ने एनटीपीसी को चार साल पांच माह 16 दिन के बड़े गेप के बाद लाइसेंस जारी करने में नियमों का ताक पर रख दिया। 17 मार्च, 2025 को जारी किए गए लाइसेंस में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा डा. एसएन केशरी के हस्ताक्षर हैं। सीजी नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित है।

सीजी नर्सिंग होम एक्ट के तहत गठित जिला समिति द्वारा निरीक्षण इत्यादि कार्यवाही के बाद लाइसेंस जारी करने की अनुशंसा पर्यवेक्षी अधिकारी को की जाती है। यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है। एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल को लाइसेंस जारी करने के मामले में पूरी प्रक्रिया को किनारे कर दिया गया।

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एनटीपीसी प्रबंधन का गोलमोल जवाब

समाचार प्रकाशन के पूर्व industrialpunch.com द्वारा 4 अगस्त, 2025 को उक्त मामले को स्पष्ट करने तथा अधिकृत वक्तव्य को लेकर सीएमओ एनटीपीसी कोरबा हॉस्पिटल तथा प्रोजेक्ट हेड, एनटीपीसी कोरबा को ईमेल किया गया था।

4 अगस्त की रात्रि को सीएमओ एनटीपीसी, कोरबा हॉस्पिटल डा. विनोद कोल्हटकर का ईमेल से एक लाइन का जवाब मिला कि एनटीपीसी कोरबा अस्पताल को अस्पताल चलाने के लिए आवश्यक सभी आवश्यक लाइसेंस के साथ चलाया जा रहा है।

दूसरे दिवस मोबाइल पर संपर्क करने पर सीएमओ डा. विनोद कोल्हटकर लगभग साढ़े चार साल तक बगैर लाइसेंस अस्पताल संचालन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके और उन्होंने एनटीपीसी, कोरबा के एचआर हेड द्वारा लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया के क्रियान्वयन की बात की।

एनटीपीसी, कोरबा के एचआर हेड शशि शेखर से (मो.न. 9523631930) पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे अभी मीटिंग में हैं और मीटिंग खत्म होने के बाद वे कॉल करेंगे, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं किया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा डा. एसएन केशरी भी एनटीपीसी, कोरबा हॉस्पिटल का लगभग साढ़े चार साल तक बगैर लाइसेंस संचालन को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

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