नई दिल्ली/रामगढ़ (IndustrialPunch Desk) : देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पत्रातु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने झारखंड स्थित पत्रातु सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (STPP) फेज-1 की दूसरी 800 मेगावाट क्षमता वाली इकाई का वाणिज्यिक संचालन (Commercial Operation) 25 जून 2026 से शुरू कर दिया है।
इस नई इकाई के चालू होने के साथ ही NTPC समूह की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 90,857 मेगावाट हो गई है, जबकि उसकी वाणिज्यिक (Commercial) क्षमता 89,777 मेगावाट तक पहुंच गई है।
यह परियोजना झारखंड के रामगढ़ जिले में विकसित की जा रही है और इसे 3×800 मेगावाट (कुल 2,400 मेगावाट) की सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित परियोजना के रूप में स्थापित किया जा रहा है। परियोजना का विकास पत्रातु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा किया जा रहा है, जो NTPC की सहायक कंपनी है।
सुपरक्रिटिकल तकनीक से बढ़ेगी दक्षता
नई 800 मेगावाट इकाई सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है, जो पारंपरिक ताप विद्युत संयंत्रों की तुलना में अधिक दक्षता से बिजली उत्पादन करती है। इस तकनीक से प्रति यूनिट बिजली उत्पादन में कोयले की खपत कम होती है तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली उत्पादन की लागत को भी नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
झारखंड सहित पूर्वी भारत को मिलेगा लाभ
पत्रातु सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के विस्तार से झारखंड और पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी। औद्योगिक विकास, शहरी क्षेत्रों की बढ़ती बिजली मांग तथा ग्रामीण विद्युतीकरण को यह परियोजना महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करेगी। परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने पर क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
शुरू हो चुकी है पहली इकाई
इस परियोजना की पहली 800 मेगावाट इकाई पहले ही वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी है। अब दूसरी इकाई के शुरू होने से परियोजना की कुल चालू क्षमता 1,600 मेगावाट हो गई है। तीसरी 800 मेगावाट इकाई के चालू होने के बाद परियोजना की प्रथम चरण की कुल क्षमता 2,400 मेगावाट हो जाएगी।
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