Wednesday, October 14, 2026
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मिनी रत्न दवा कंपनी के निजीकरण को लेकर प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

प्रियंका गांधी ने कहा, देश की बेशकीमती संपत्तियां चुनिंदा मित्रों को सौंपकर उनकी तिजोरी भरने के अलावा इसका क्या मकसद हो सकता है?

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नई दिल्ली, 06 अक्टूबर। सरकारी कंपनी इंडियन मेडिसिंस फार्मास्यूटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निजीकरण यानी विनिवेश को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने मोदी सरकारी पर निशाना साधा है।

प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि मुनाफे में चल रही मिनी रत्न दवा कंपनी को बेचने के पीछे सरकार की मंशा क्या है? कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने एक्स पर लिखा है, अल्मोड़ा, उत्तराखंड के मोहान में स्थित इंडियन मेडिसिंस फार्मास्यूटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को 1978 में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर स्थापित किया था। यह आयुर्वेद और यूनानी दवाओं का प्रमुख कारखाना है जो देश भर में और विदेशों में भी दवाओं की आपूर्ति करता है। पिछले साल इसे 18 करोड़ का मुनाफा हुआ और 6 करोड़ का लाभांश सरकार को देने की तैयारी है।

इस यूनिट में 500 से ज्यादा कर्मचारी हैं और हजारों छोटे किसान अपनी छोटी-छोटी उपज और कच्चे माल की आपूर्ति करते हैं। मुनाफे में चल रहे दवा कारखाने को बेचने की योजना, आयुर्वेद और आयुष को बढ़ावा देने के पाखंड की सच्चाई को उजागर कर रही है।

प्रियंका गांधी ने कहा, देश की बेशकीमती संपत्तियां चुनिंदा मित्रों को सौंपकर उनकी तिजोरी भरने के अलावा इसका क्या मकसद हो सकता है?

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