कोरबा, 13 नवम्बर। स्टैंडिंग कमेटी ऑन सेफ्टी इन कोल माइंस (Standing Committee on Safety in Coal Mines) की 50वीं बैठक का आयोजन नई दिल्ली में हुआ। इसकी अध्यक्षता कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) ने की।
बैठक के दौरान पॉवर प्रजेंटेशन के माध्यम से खदान दुर्घटनाओं के आंकड़े और विवरण प्रस्तुत किया गया। जानकारी दी गई कि कोयला खदानों में होने वाली 67 प्रतिशत दुर्घटनाओं कारण एसओपी, लापरवाही और माइंस रूल्स का उल्लंघन होता है। बैठक में ओसीपी एवं बंद खदानों की फेंसिंग किए जाने की बात कही गई।
बैठक में अवैध खनन का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। मीटिंग में पीट, एरिया लेबल को लेकर कहीं अधिक चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने ज़मीनी स्तर की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए।
मंत्री श्री रेड्डी ने बैठक के दौरान कहा कि जैसे- जैसे कोयला उत्पादन नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है, हमारे श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, कल्याणकारी सुधारों और टीम वर्क के माध्यम से शून्य मृत्यु दर और शून्य क्षति के लक्ष्य को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।
बैठक में कोल सचिव विक्रम दत्त, सीआईएल के प्रभारी चेयरमैन सनोज कुमार झा, सभी अनुषंगी इकाइयों के सीएमडी, डीटी की उपस्थिति रही। यूनियन प्रतिनिधि के तौर पर मानस मुखर्जी (सीटू), सीजे जोसेफ (एटक), सिद्धार्थ गौतम (एचएमएस), रमेश बल्लेवार, संजय सिंह (बीएमएस), डीएन सिंह (सीएमओएआई), आरके शर्मा (आईएमएमए) मौजूद रहे।
यहां बताना होगा कि कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधी की यह बैठक 11 माह के अंतराल के बाद हुई। 49 वीं मीटिंग 17 दिसंबर, 2024 को हुई थी।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join









