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बिलासपुर, 25 नवम्बर। बिलासपुर स्थित मुख्यालय में एसईसीएल (SECL) का 41वां स्थापना दिवस मनाया गया।
मुख्य कार्यक्रम में सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि “1985 में स्थापना के बाद से एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत आधार रहा है और आगे भी यह भूमिका और सशक्त होगी।

सीएमडी ने कहा कि एसईसीएल की विरासत रिकॉर्ड-ब्रेकिंग उपलब्धियों से भरी है और हमारा लक्ष्य है कि एसईसीएल को एक बार फिर देश की नंबर 1 कोयला कंपनी बनाया जाए। मैं विश्वास के साथ कहता हूँ कि एसईसीएल टीम हर चुनौती को पार करने में सक्षम है। हमारे लिए सुरक्षित खनन, सतत विकास और कोयलांचल परिवार का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसईसीएल न केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है, बल्कि हरित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक अग्रणी संस्था है। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि एवं समस्त मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन किया गया।

इसके पूर्व एसईसीएल मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने निदेशक मण्डल, विभिन्न विभागाध्यक्षो, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वज फहराया एवं शहीद स्मारक एवं खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, एसईसीएल संचालन समिति सदस्यों के करकमलों से विभीन्न केटेगरी में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गये।

स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक (वित्त) सीडीएन सिंह ने दिया। इस अवसर पर एसईसीएल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एसईसीएल की नई वेबसाइट का अनावरण मुख्य अतिथि के करकमलों से किया गया। उद्घोषणा का दायित्व वरूण शर्मा प्रबंधक (मानव संसाधन/औसं) एवं सी अनुराधा उप प्रबंधक (ई/एम) ने निभाया। धन्यवाद ज्ञापित वरीय प्रबंधक (राजभाषा) दिलीप सिंह ने प्रस्तुत किया।

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इस अवसर पर स्वतंत्र निदेशक गजानंद देवराव असोले, निदेशक (तकनीकीद- संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन तथा निदेशक (तकनीकीदृयोजना/परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र सहित अन्य की उपस्थिति रही।

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