Tuesday, August 25, 2026
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DSPM के कार्यपालक निदेशक डॉ. हेमंत सचदेव सहित ये अधिकारी व कर्मी हुए सेवानिवृत्त

कार्यपालन अभियंता पन्नालाल साहू द्वारा कार्यक्रम का संचालन एवं सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों का संक्षिप्त परिचय का उल्लेख किया गया।

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कोरबा, 02 अगस्त। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (DSPM) से जुलाई में कार्यपालक निदेशक डॉ. हेमंत सचदेव, कार्यपालन अभियंता सुबोध शुक्ला, प्रशासनिक अधिकारी गायत्री श्रीवास, अनुभाग अधिकारी, संयंत्र परिचारक श्रेणी-दो, श्री ब्रम्हैया अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्ति हुए।

कर्मचारी के सम्मान में समारोह का आयोजन जूनियर क्लब, कोरबा पूर्व में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम संयंत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता संजीव कंसल कि अध्यक्षता में एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता अंजना कुजुर, राजेश्वरी रावत, एल.एन. सूर्यवंशी एवं वरिष्ठ मुख्य रसायनज्ञ मालती जोशी के आतिथ्य में में किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य अभियंता संजीव कंसल, मंचस्थ विशिष्ट अतिथिगणए अतिरिक्त मुख्य अभियंताओद्ध एवं वरिष्ठ मुख्य रसायनज्ञ द्वारा सेवानिवृत्ति कर्मियों को पुष्पगुच्छ, प्रशस्ति पत्र एवं कलाई घड़ी, से सम्मानित कर विदाई दी गई।

संजीव कंसल ने सेवानिवृत्त हो रहे डॉ. हेमंत सचदेव की सेवाओं का उल्लेख करते हुये कहा की आपके कार्यकाल में केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार राष्ट्रीय एवं सभी राज्यों के सार्वजनिक उपक्रमों के/निगमों/मंडलों एवं प्राइवेट विद्युत उत्पादन संयंत्रों को पछाड़ते हुए डीएसपीएम, कोरबा पूर्व द्वारा 92.73 प्रतिशत पी.एल.एफ. की उपलब्धि अर्जित कर राष्ट्रीय स्तर पर देश के सर्वश्रेष्ठ तीन विद्युत उत्पादन संयंत्रों में अपना प्रथम बार तृतीय स्थान बनाया। अन्य कर्मियों के सेवा के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि आप सभी ने कार्य को निष्ठा एवं लगन के साथ करते हुये हमारे संयंत्र की सेवा की है। सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों ने अपने-अपने सेवाकाल का अनुभव भी साझा किया।

कार्यपालन अभियंता पन्नालाल साहू द्वारा कार्यक्रम का संचालन एवं सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों का संक्षिप्त परिचय का उल्लेख किया गया। आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता (मा.संसा.), देवी शंकर राय के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रसायनज्ञ सह वरि. कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिदार, एस.के. डेविड, महिपाल कैवर्त, राजकुमार केंवट, जयमंगल साहू, एवं जीवन दास महंत का सहयोग रहा।

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