Advertisement

नई दिल्ली, 01 दिसम्बर। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिवस ही 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की रिपोर्ट आने तक ’अंतरिम राहत’ को लेकर लोकसभा सांसद आनंद भदौरिया द्वारा सवाल पूछा गया। जवाब यह मिला कि सरकार के पास इस तरह को कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

सांसद आनंद भदौरिया द्वारा पूछा गया सवाल :

(क) क्या सरकार ने हाल ही में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए अधिसूचना जारी की है;
(ख) यदि हाँ, तो इसका ब्यौरा क्या है;
(ग) क्या सरकार उन सरकारी कर्मचारियों/पेंशनर्स को तुरंत राहत प्रदान करने के लिए मौजूदा डीए/डीआर को मूल वेतन में मिलाने का विचार रखती है जो पिछले 30 सालों से बहुत ज़्यादा महंगाई का सामना कर रहे हैं, क्योंकि इन कर्मचारियों को दिया गया डीए/डीआर वास्तविक समय खुदरा महंगाई के हिसाब से नहीं है;
(घ) यदि हाँ, तो इसका ब्यौरा क्या है; और
(ङ) यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?

वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी द्वारा संसद में प्रस्तुत जवाब :

Advertisement

(क) और (ख) : जी हां, सरकार ने आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए दिनांक 03.11.2025 के संकल्प को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना की प्रति अनुबंध में संलग्न है।

(ग) से (ङ) : वर्तमान में मूल वेतन पर मौजूदा महंगाई भत्ते के विलय के संबंध में सरकार के पास कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जीवन निर्वाह की लागत के समायोजन तथा मुद्रास्फीति के कारण वास्तविक मूल्य में गिरावट से मूल वेतन/पेंशन को सुरक्षित रखने हेतु महंगाई भत्ते/महंगाई राहत को श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा औद्योगिक श्रमिकों (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर प्रत्येक 6 माह में समय-समय पर संशोधित किया जाता है।

यहां बताना होगा कि केन्द्र सरकार ने 28 अक्टूबर, 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की औपचारिक घोषणा की है। सवाल यह है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को तुरंत क्या मिलेगा? वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अक्सर 1.5 से 2 साल का समय लगता है। पिछले 30 सालों में महंगाई के ग्राफ को देखते हुए, कर्मचारी यूनियनें यह मांग कर रही हैं कि उन्हें आयोग की रिपोर्ट आने तक इंतज़ार न कराया जाए, बल्कि ’अंतरिम राहत’ प्रदान की जाए।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

Advertisement