एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में “RTI Act 2005: Key Insights and Institutional Responsibilities” विषय पर एक व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
इसे भी पढ़ें : SECL : BMS लगातार दूसरे साल भी सबसे बड़ा यूनियन, HMS का दबदबा खत्म, देखें आंकड़े :
इस सत्र का उद्देश्य एसईसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना, उनकी संस्थागत जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना और पारदर्शी व जवाबदेह शासन प्रणाली को मजबूती प्रदान करना था।
इस अवसर पर प्रसिद्ध आरटीआई एक्सपर्ट एवं दादा रामचंद बाखरू सिंधु महाविद्यालय, नागपुर के रजिस्ट्रार श्री नवीन महेशकुमार अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। अपने विचारोत्तेजक व्याख्यान में उन्होंने आरटीआई अधिनियम के ऐतिहासिक विकास, उद्देश्य, महत्त्वपूर्ण धाराओं, अपीलीय प्रक्रिया, सूचनाओं की श्रेणियां, प्रतिबंध और नागरिकों के अधिकारों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
श्री अग्रवाल ने कहा कि “RTI अधिनियम लोकतंत्र को सशक्त बनाने का एक प्रभावी उपकरण है। इससे शासन में पारदर्शिता आती है और नागरिकों को उत्तरदायी प्रशासन की ओर पहुँच मिलती है।” उन्होंने विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों और केस स्टडीज़ के माध्यम से अधिनियम की व्याख्या की और बताया कि सार्वजनिक प्राधिकरणों की जिम्मेदारी किस प्रकार तय होती है।
कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ निदेशक (तकनीकी – संचालन सह योजना/परियोजना) श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी. सुनील कुमार, तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ अधिकारी, विभागीय प्रमुख, कर्मचारीगण एवं अधीनस्थ कार्मिकों की सहभागिता उल्लेखनीय रही।
इसे भी पढ़ें : CIL : तैयार हो जाइए एक बिलियन टन कोयला उत्पादन के लिए
प्रशिक्षण सत्र में सहभागी अधिकारियों को PPT प्रस्तुतियों और चर्चा सत्रों के माध्यम से अधिनियम की जमीनी समझ दी गई। प्रतिभागियों ने भी अपने प्रश्नों एवं अनुभवों के माध्यम से सत्र को इंटरऐक्टिव बनाया।









