Tuesday, August 25, 2026
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BMS कोल प्रभारी रेड्डी CIL पर हैं हमलावर, कहा- कंपनी की स्थिति खराब, एक BT लक्ष्य को बताया बेतुका

उन्होंने कहा कि कहा कि कोयला कंपनियों में सुरक्षा, मजदूरी का एचपीसी वेजेस, सामाजिक सुरक्षा, आवासीय व्यवस्था, जॉब सुरक्षा की अनदेखी हो रही है

K Lakshma Reddy
K Lakshma Reddy
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कोरबा, 02 जुलाई। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी इन दिनों कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) प्रबंधन पर हमलावर हैं। रेड्डी कोल इंडिया की स्थिति खराब होने का खुला आरोप लगा रहे हैं। उत्पादन लक्ष्य को भी उन्होंने बेतुका बताया है।

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कोरबा दौरे पर के. लक्ष्मा रेड्डी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि देश की ऊर्जा जरूरत को पूरा करने के लिए कोल इंडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लेकिन दूसरी ओर कोल इंडिया की स्थिति खराब है।

कोयला मंत्रालय द्वारा कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए कोल इंडिया पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं सेफ्टी को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसकी वजह से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।

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बीएमएस नेता ने कहा कि कोयला कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। अंधाधुंध कोयला उत्पादन के दबाव के बीच अब वर्ष 2026- 27 तक एक अरब चार मिलियन टन कोयला उत्पादन की योजना बनाई गई है। इस लक्ष्य तक पहुंचना संभव नहीं है। सरकार के पास कॉल प्रोडक्शन को लेकर कोई लॉन्ग टर्म प्लान नहीं है, सिर्फ उत्पादन टारगेट दिया जा रहा है, यह ठीक नहीं है।

पहले जहां कोल इंडिया में साढ़े छ लाख तक कर्मचारी थे, आज घटकर यह संख्या दो लाख तक पहुंच गई है। घाटे के नाम पर खदानों को बंद किया जा रहा है। कोयला उत्पादन में नियमित कर्मचारियों की भागीदारी न्यूनतम प्रतिशत सुनिश्चित किया जाना चाहिए, लेकिन कोल इंडिया में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि कहा कि कोयला कंपनियों में सुरक्षा, मजदूरी का एचपीसी वेजेस, सामाजिक सुरक्षा, आवासीय व्यवस्था, जॉब सुरक्षा की अनदेखी हो रही है। खासकर ठेका श्रमिकों को सालाना बोनस (पीएलआर) का नियमित भुगतान भी नहीं हो रहा है। रेड्डी ने कहा कि एमडीओ और प्रॉफिट शेयरिंग पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

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