कोरबा, 01 सितम्बर। चालू वित्तीय वर्ष में बंद हो चुकी सात भूमिगत खदानें फिर से उत्पादन में आ जाएंगी। इन परित्यक्त खदानों से लगभग 95 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) उत्पादन का होने की उम्मीद है।
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सीआईएल (CIL) चेयरमैन पीएम प्रसाद ने ने बताया कि परित्यक्त खदानों को फिर से खोलने का निर्णय कुछ बंद और बंद हो चुकी भूमिगत खदानों में छिपे कोयला भंडार का दोहन करने के लिए है।
चेयरमैन ने बताया कि कोल इंडिया ने राजस्व- साझाकरण के आधार पर MDO (माइन डेवलपर और ऑपरेटर) के माध्यम से पुनः संचालन हेतु 32 ऐसी खदानों की पहचान की है।
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29 खदानों के लिए जारी निविदाओं में से 39.28 मिलियन टन प्रति वर्ष की अधिकतम-रेटेड क्षमता वाली 28 खदानों के लिए आशय पत्र जारी किया गया है। 9.51 मिलियन टन प्रति वर्ष की सात खदानों से वित्त वर्ष 2025- 26 में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
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