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कोरबा, 02 अक्टूबर। एसईसीएल (SECL) के कोयला उत्पादन में मेगा प्रोजेक्ट कुसमुंडा (Mega Project Kusmunda) कमजोर कड़ी साबित हो रहा है। कुसमुंडा का नेगेटिव ग्रोथ कंपनी को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दे रहा है।

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चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में एसईसीएल की कुसमुंडा खदान ने 10.42 मिलियन टन (MT) उत्पादन दर्ज किया है। जबकि इस अवधि का लक्ष्य 20.98 मिलियन टन था। यानी लक्ष्य के मुकाबले पूरे 50 फीसदी भी उत्पादन नहीं किया जा सका है। खदान से उत्पादन की सबसे खराब स्थिति दूसरी तिमाही में रही है।

मेगा प्रोजेक्ट कुसमुंडा का वार्षिक लक्ष्य 50 मिलियन टन निर्धारित है। एसईसीएल का सालाना टारगेट 212 मिलियन टन का है। कुसमुंडा खदान के कमजोर प्रदर्शन के कारण एसईसीएल को कोल इंडिया स्तर पर उत्पादन के मामले में पहले से दूसरे नम्बर पर पहुंचना पड़ा है।

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चालू वित्तीय वर्ष में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुसमुंडा परियोजना का प्रबंधन व्यवस्थित नहीं है। दूसरी ओर आए दिन हो रहा भूविस्थापितों का आंदोलन भी एक कारण है। भूअर्जन में दिक्कतें आ रही हैं। ओवर बर्डन का कार्य धीमी गति से हो रहा है। इसमें ठेके को लेकर भी कुछेक समस्याएं बताई गई हैं।

पहली छमाही में कुसमुंडा खदान का माहवार लक्ष्य और उत्पादन (आंकड़े मिलयिन टन में) :

  • सितम्बर (2.74) : 0.95
  • अगस्त (2.98) : 0.99
  • जुलाई (3.21) : 1.23
  • जून (3.84) : 2.2
  • मई (4.21) : 2.33
  • अप्रेल (4.1) : 2.72

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