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कोरबा, 25 फरवरी। नए वित्तीय वर्ष में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा खदान नया इतिहास लिख सकती है। माइंस के उत्पादन का आंकड़ा 63 मिलियन टन (MT) पर पहुंच जाएगा, जो दुनिया में सबसे अधिक होगा।

एसईसीएल प्रबंधन इसकी तैयारी में है कि 2026- 27 में गेवरा खदान (Gevra Mines) का उत्पादन 63 मिलियन टन तक पहुंच सके। चालू वित्तीय वर्ष में गेवरा खदान का उत्पादन लक्ष्य 63 मिलियन टन है, लेकिन खदान अपने उत्पादन लक्ष्य से पिछे चल रही है। माना जा रहा है कि मार्च अंत तक उत्पादन का आंकड़ा 56 मिलियन टन तक ही पहुंच सकेगा।

2024- 25 में भी 63 मिलियन टन के टारगेट के मुकाबले 56 मिलियन टन उत्पादन दर्ज हुआ था। इसके पहले 2023- 24 में गेवरा खदान ने 59.11 मिलियन टन के कोयला उत्पादन को छुआ था। 2026- 27 में गेवरा का उत्पादन 63 मिलियन टन के आंकड़े पर पहुंचता है तो यह खदान पूरे विश्व में टॉप पर आ जाएगी।

प्रबंधन के अनुसार गेवरा को दुनिया नम्बर एक खदान बनाने के लिए कंपनी के पास सभी जरूरी रिसोर्स जमीन, मशीनरी, मैनपावर और कस्टमर मौजूद है। वर्तमान में यूएस की ब्लैक थंडर माइंस दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदान है, जिसका उत्पादन 61- 62 मिलियन टन है।

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एसईसीएल की गेवरा खदान की क्षमता बढ़ाकर 70 मिलियन टन सालाना करने की है। इसके लिए पहले ही एनवायरनमेंटल क्लियरेंस मिल चुका है।

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