शनिवार को एनसीएल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “नारी शक्ति का सम्मान” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएमएस, केंद्रीय चिकित्सालय, सिंगरौली, श्रीमती मंजरी मेहता बतौर मुख्य अतिथि एवं श्रीमती अर्चना दुबे, प्रधानाचार्य, डीएवी, ककरी एवं श्रीमती स्वप्निल श्रीवास्तव, योग प्रशिक्षक, निगाही विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा एनसीएल मुख्यालय से विभिन्न अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में एनसीएल महिला कर्मी उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान श्रीमती मंजरी मेहता ने अपने उद्बोधन में स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही बड़े बदलाव का आधार बनती हैं। उन्होंने बताया कि संतुलित दिनचर्या, सकारात्मक सोच और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता से जीवन को अधिक स्वस्थ और खुशहाल बनाया जा सकता है।
इस दौरान अपने सम्बोधन में श्रीमती रचना दुबे ने कहा कि नारी परिवार या समाज का एक हिस्सा होने के साथ साथ परिवर्तन और प्रगति की एक मजबूत धुरी है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से उपस्थित महिलाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में श्रीमती स्वप्निल श्रीवास्तव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। यदि मन दृढ़ हो तो जीवन की हर चुनौती को सहजता से पार किया जा सकता है। उन्होंने सभी महिलाओं को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीएल की महिला कर्मियों ने नारी शक्ति पर आधारित भावपूर्ण कविताओं एवं गीतों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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