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कोरबा, 11 अप्रेल। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ ने छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनीज पर पदोन्नति में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है। संघ ने विद्युत कंपनी में आरक्षण एवं अन्य सांगठनिक मांगो को नजरअंदाज किए जाने के विरूद्ध चरणबद्ध आंदोलन पर जाने का निर्णय लिया है।

प्रांतीय महासचिव राजेश बंजारा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि पॉवर कंपनीज द्वारा असंवैधानिक पदोन्नति की कार्यवाही लगातार की जा रही है। इसके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है।

चरणबद्ध आंदोलन इस प्रकार होगा

  • 13.04.2026 से 17.04.2026 तक समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों में गेट मिटिंग के साथ सामूहिक इस्तीफे के साथ ज्ञापन सौंपा जाना।
  • 20.04.2026 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश के साथ विरोध प्रदर्शन।
  • 27.04.2026 को अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश के साथ विरोध प्रदर्शन।

यह है प्रमुख मांग

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  •  सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेश दिनांक 01.05.2023 एवं 24.02.2025 और उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतिम निर्णय दिनांक 04.2024 का संदर्भित परिपत्र अनुसार गलत व्याख्या कर केवल सामान्य वर्ग को लाभ पहुंचाने के दृष्टिकोण से संदर्भित आदेशानुसार पदोन्नति की कार्यवाही की जा रही है। विद्युत कंपनी द्वारा पदोन्नति की चयन प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग, छ.ग. शासन के निर्देशानुसार नहीं की जा रही है, जिससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हजारों कर्मचारी अधिकारी पदोन्नति से वंचित है। अतः छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नए पदोन्नति नियम जारी होने तक असंवैधानिक पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल स्थगित किया जाए।
  • विद्युत कंपनी में छ.ग. लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गो का आरक्षण) अधिनियम 1994 के प्रावधानानुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती एवं पदोन्नति में जिला/संभाग स्तर का आरक्षण रोस्टर शीघ्र लागू किया जाए।
  • छ.ग. शासन द्वारा दिनांक 03.06.2015 को जारी अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थापना के संबंध में जारी दिशा-निर्देश को विद्युत कंपनी में यथावत लागू करवाया जाए।
  • छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के आदेश क. 01-05/पीडी-दो/856-857/रायपुर, 19.09.2018 द्वारा जारी स्थानांतरण नीति 2018 को यथावत लागू किया जावें। अनुसूचित क्षेत्रों में सेवाकाल के दौरान 03 वर्ष की कालावधि के लिए पदस्थापना आवश्यक है। एक ही जगह 5 वर्ष से ज्यादा पदस्थ अधिकारियों को शीघ्र स्थानांतरण किया जाए।
  • विद्युत कंपनी में राज्य शासन के अन्य विभागों की तुलना में ड्यूटी के दौरान हेल्थ हजार्ड एवं एक्सीडेंटल रिस्क शामिल होता है। अतः केवल अभियंताओं को दी जाने वाली 3 प्रतिशत तकनीकी भत्ता को अन्य तकनीकी कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए विस्तारित किया जाए।
  • विद्युत कंपनी में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारी एवं अधिकारियों को छ.ग. शासन के अनुरूप ओल्ड पेंशन स्कीम को तत्काल लागू किया जाए।
  • विद्युत कंपनी में संविदा में कार्यरत कर्मचारी/अधिकारियों को पदरिक्तता को देखते हुए नियमित नियुक्ति दी जाए।
  • विभागीय जांच की समय-सीमा निर्धारित की जाए एवं राज्य शासन की आदेशानुसार एक वर्ष के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाय। समय-सीमा में जांच न होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित किया जाए।
  • विभागीय पदोन्नति समिति में अनुसूचित जाति/जनजाति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कंपनी के शक्ति प्रत्यायोजन पुस्तिका के तहत् स्थायी तौर पर विभिन्न स्तर की पदोन्नति हेतु समिति का गठन किया जाए।
  • चतुर्थ श्रेणी में नियुक्त कर्मचारियों को एक निश्चित सेवा अवधि पश्चात् तृतीय श्रेणी में पदोन्नति/पुनर्पदनामित करने का प्रावधान किया जाए।
  • तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सी.आफ एवं ओव्हर टाइम नगदीकरण को चालू किया जाए।
  • कनिष्ठ/सहायक अभियंताओं द्वारा शासकीय / स्थानीय अवकाशों में कार्य निष्पादन के लिए सी- ऑफ भुगतान की सीमित दिवस में बढ़ोतरी कर उनके द्वारा किया गया डयूटी अनुसार सी- ऑफ भुगतान किया जाए एवं भुगतान की जाने वाली दर में संशोधन किया जाए।
  • पाली में कार्यरत अधिकारियों / कर्मचारियों के रात्रि भत्ता की दर में संशोधन किया जाए एवं भुगतान की सीमित दिवस में बढ़ोतरी कर उनके द्वारा किया गया डयूटी अनुसार रात्रि भत्ता भुगतान किया जाए।
  • कर्मचारियों की संख्या कम होने की बावजूद अतिरिक्त कार्य करने के पश्चात् भी अतिकाल (ओवर टाइम) नहीं दिया जाता है। अतः पूर्व की भांति 25 घंटा अतिकाल प्रदान किया जाए।
  • सुरक्षा सैनिकों को जोखिम भत्ता प्रदान किया जाए।
  • विद्युत कंपनी में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा हेतु व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाय।
  • कंपनी में कार्यरत प्रोग्रामर पद के पदानुक्रम में प्रबंधक / उप-महाप्रबंधक का पद स्वीकृत किया जाए।

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