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कोलकाता, 5 जून। शुक्रवार को कोलकाता स्थित कोल इंडिया लिमिटेड मुख्यालय में एपेक्स जेसीसी (Apex JCC) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने सीआईएल प्रबंधन से कहा कि नए लेबर कोड को लागू करने में जल्दबाजी न की जाए।

कोल इंडिया प्रबंधन ने एपेक्स जेसीसी की बैठक लेबर कोड्स के सीआईएल (CIL) पर पड़ने वाले प्रभावों तथा प्रस्तावित एक्शन प्लान पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाई थी।

सीआईएल चेयरमैन बी साईराम की अध्यक्षता में आयोजित हुई एपेक्स जेसीसी में एचएमएस, बीएमएस, सीटू, एटक के प्रतिनिधियों ने कहा कि लेबर कोड्स को अभी लागू न किया जाएगा। पहले इसका विस्तृत अध्ययन कर लिया जाए। इसे भी देखा जाए कि कोयला कामगार लेबर कोड को लेकर क्या सोचता है। ऐसा न हो कि कोड्स को जल्दबाजी में लागू कर दिया जाए और इसका दुष्परिणाम सामने तथा कोयला उत्पादन पर इसका असर पड़े।

एचएमएस नेता हरभजन सिंह सिद्धू ने industrialpunch.com से चर्चा करते हुए बताया कि प्रबंधन ने यूनियन प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से लिया है। प्रबंधन ने कहा कि वो यूनियन से इस संदर्भ में और चर्चा करेगा।

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हरभजन सिंह सिद्धू ने बताया कि प्रबंधन से कहा गया कि कोल इंडिया का मौजूदा आईआर सिस्टम सबसे बेस्ट है और इसे ही बरकरार रखा जाना चाहिए।

श्री सिद्धू ने कहा कि दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों में लेबर कोड्स को लेकर ज्यादा हलचल नहीं है। रेलवे जैसे बड़े मैन पॉवर वाले उपक्रम में तो इसकी कोई चर्चा नहीं है।

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