रायगढ़, 13 जुलाई। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र महापात्रा ने सोमवार को रायगढ़ क्षेत्र का दौरा कर उत्पादन, उत्पादकता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा मानसून के दौरान खदान संचालन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
इसे भी पढ़ें: क्या Coal India में भी होना चाहिए सीक्रेट बैलेट से यूनियन चुनाव? क्या अब लेबर कोड के अनुरूप बदलाव का समय आ गया है?
दौरे के दौरान उन्होंने SECL की आगामी महत्वपूर्ण परियोजना बोंगांव–पोटिया ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) का निरीक्षण किया और प्रस्तावित खदान की प्रगति का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। परियोजना के शुरू होने के बाद आने वाले वर्षों में रायगढ़ क्षेत्र की उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 103 मिलियन टन (MT) तक पहुंचने की उम्मीद है।
इसके बाद निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) ने जामपाली ओसीपी, बरौद ओसीपी तथा बिजारी ओसीपी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खनन कार्यों, भारी मशीनों की तैनाती, खान सुरक्षा व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली, पंपिंग व्यवस्था, ढलानों (Slope) की स्थिरता तथा मानसून के मद्देनजर किए गए सुरक्षा और प्रबंधन उपायों की समीक्षा की।
श्री महापात्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के दौरान उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ-साथ सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा सभी खदानों में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए।
इसे भी पढ़ें: NCWA- XII पर बढ़ेगा संग्राम: JBCCI के गठन को लेकर चार केंद्रीय यूनियन बड़े आंदोलन की ओर बढ़ाएंगे कदम
निरीक्षण के दौरान रायगढ़ क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति तथा मानसून तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce









