Friday, August 28, 2026
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जन विश्वास अधिनियम के बाद कोयला क्षेत्र के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, मंत्रालय ने जारी किया ड्राफ्ट संशोधन

MMDR Act में संशोधन के अनुरूप Coal Blocks Allocation Rules, Colliery Control Rules और Mineral Concession Rules में बदलाव का प्रस्ताव, 21 दिन में मांगे सुझाव

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नई दिल्ली, 14 July (IndustrialPunch Desk) : कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद खनन क्षेत्र से जुड़े नियमों में व्यापक संशोधन का मसौदा जारी किया है।

मंत्रालय ने Mineral Concession Rules, 1960, Colliery Control Rules, 2004 तथा Coal Blocks Allocation Rules, 2017 में प्रस्तावित संशोधनों पर राज्यों, उद्योग जगत, खनन कंपनियों और अन्य हितधारकों से 21 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

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जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी 7 अप्रैल 2026 को मिली थी और इसके तहत Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 (MMDR Act) में संशोधन किए गए हैं। संशोधित प्रावधान 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होंगे।

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आपराधिक कार्रवाई की जगह अब सिविल पेनाल्टी

मंत्रालय के अनुसार, संशोधित MMDR Act के तहत खनिज पट्टों (Mineral Concessions) एवं संचालन संबंधी नियमों के उल्लंघन को डिक्रिमिनलाइज (Decriminalise) किया गया है। यानी कई प्रकार के उल्लंघनों पर अब आपराधिक मुकदमे के बजाय सिविल पेनाल्टी (Civil Penalty) का प्रावधान होगा। इसके लिए जांच, पेनाल्टी निर्धारण और अपील की नई प्रक्रिया लागू की जाएगी।

कोयला क्षेत्र के तीन प्रमुख नियमों में संशोधन का प्रस्ताव

  • Minerals Concession Rules, 1960
  • Colliery Control Rules, 2004
  • Coal Blocks Allocation Rules, 2017

प्रस्ताव के अनुसार, इन नियमों के उल्लंघन पर अब MMDR Act की धारा 25A और 25B तथा प्रस्तावित Minerals (Manner of Holding Inquiry and Appeal) Rules, 2026 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जांच और अपील के लिए नई व्यवस्था

  • Adjudicating Officer द्वारा जांच,
  • कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करना,
  • पक्षकार को सुनवाई का अवसर देना,
  • निर्धारित मानकों के आधार पर सिविल पेनाल्टी तय करना,
  • तथा आदेश के विरुद्ध Appellate Authority के समक्ष अपील करने की व्यवस्था शामिल है।

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हितधारकों से मांगे गए सुझाव

कोयला मंत्रालय ने सभी कोयला एवं लिग्नाइट उत्पादक राज्यों, Coal India Limited, Singareni Collieries Company Limited (SCCL), NLC India Limited, उद्योग संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से मसौदे पर सुझाव देने का आग्रह किया है। सुझाव ई-मेल के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इन संशोधनों के लागू होने के बाद खनन क्षेत्र में नियामकीय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी। साथ ही, छोटे-मोटे नियम उल्लंघनों के मामलों में आपराधिक कार्रवाई की बजाय सिविल दंड की व्यवस्था से ‘Ease of Doing Business’ को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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