Tuesday, July 14, 2026
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BRICS मंच से श्रमिकों के लिए भारत का बड़ा संदेश: “तकनीक नहीं, इंसान होगा विकास का केंद्र”

केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 15वें BRICS ट्रेड यूनियन फोरम का किया उद्घाटन, कहा— भारत में सामाजिक सुरक्षा का दायरा एक अरब लोगों के पार

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हैदराबाद, 14 July : केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को हैदराबाद में आयोजित 15वें BRICS ट्रेड यूनियन फोरम (TUF) शिखर सम्मेलन-2026 का उद्घाटन करते हुए श्रमिक-केंद्रित वैश्विक व्यवस्था की वकालत की। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति तभी सार्थक होगी, जब उसका केंद्र मानव गरिमा, सामाजिक न्याय और श्रमिकों का कल्याण होगा।

तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का विषय “Strengthening Cooperation for Resilient, Innovative and Sustainable Future” केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसा भविष्य तैयार करना है जिसमें तकनीक और नवाचार के साथ श्रमिकों के अधिकार एवं सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।

2015 में 19%, अब एक अरब लोगों तक पहुंचा सामाजिक सुरक्षा का दायरा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2015 में जहां केवल 19 प्रतिशत आबादी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो गई। उन्होंने बताया कि 2026 के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार देश में सामाजिक सुरक्षा का लाभ एक अरब (100 करोड़) से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की श्रमिक हितैषी नीतियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सुधारों का परिणाम है।

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चार श्रम संहिताओं से बदली श्रम व्यवस्था

डॉ. मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) ने 29 पुराने श्रम कानूनों को एक सरल एवं आधुनिक ढांचे में समाहित किया है। उन्होंने बताया कि नए श्रम सुधारों से सार्वभौमिक न्यूनतम मजदूरी (Universal Minimum Wage) नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता, बेहतर व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (OSH), डिजिटल अनुपालन प्रणाली गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों को पहली बार कानूनी पहचान जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

31.7 करोड़ असंगठित श्रमिक जुड़े e-Shram Portal से

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने श्रम प्रशासन में डिजिटल क्रांति लाई है। उन्होंने कहा कि 31.7 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक e-Shram Portal पर पंजीकृत हो चुके हैं। National Career Service (NCS) Portal नौकरी चाहने वालों, उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों को एक डिजिटल मंच पर जोड़ रहा है।

EPFO और ESIC दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों में शामिल

डॉ. मांडविया ने कहा कि  EPFO के 8 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य और 80 लाख पेंशनभोगी हैं।
ESIC के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक बीमित कर्मचारी एवं उनके परिवार स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि EPFO और ESIC में किए गए सुधारों से सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और सरल हुई हैं।

पिछले 10 वर्षों में 17 करोड़ रोजगार के अवसर

रोजगार सृजन पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश में लगभग 17 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से अगले दो वर्षों में औपचारिक क्षेत्र में 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

BRICS देशों के बीच श्रम सहयोग बढ़ाने पर जोर

डॉ. मांडविया ने कहा कि BRICS देश विश्व की लगभग आधी आबादी और दुनिया के सबसे बड़े कार्यबल का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास, श्रम गतिशीलता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार उपयोग और सम्मानजनक कार्य (Decent Work) जैसे विषयों पर आपसी सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन की सिफारिशें आगामी BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक के एजेंडे को दिशा देंगी।

BMS ने किया सम्मेलन का आयोजन

तीन दिवसीय BRICS ट्रेड यूनियन फोरम का आयोजन भारतीय मजदूर संघ (BMS) द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में BMS के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनकारी मल्लेशम, संगठन सचिव एवं BRICS TUF के मुख्य समन्वयक बी. सुरेंद्रन, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित BRICS देशों के प्रतिनिधि, ILO के अधिकारी, श्रम विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल हुए। सम्मेलन में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि तथा भारतीय ट्रेड यूनियनों के लगभग 70 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

अगले दो दिनों में इन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा

  • सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा एवं लाभों की पोर्टेबिलिटी
  • मानव-केंद्रित तकनीक और जिम्मेदार AI
  • भविष्य के रोजगार के लिए कौशल विकास
  • बदलती कार्य संस्कृति में महिलाओं की भूमिका

यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर श्रमिकों के हितों, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की कार्य संस्कृति पर नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

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