Tuesday, July 21, 2026
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Coal Crime Files – Episode 10 : HEMM मशीनों के पार्ट्स की चोरी, करोड़ों की मशीनों पर चोरों की नजर क्यों? 

इसी कारण समय-समय पर देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में HEMM (Heavy Earth Moving Machinery) के पार्ट्स चोरी होने के मामले सामने आते रहे हैं।

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(IndustrialPunch Investigative Desk) : ओपनकास्ट कोयला खदानों में काम करने वाली विशाल मशीनें—डंपर, एक्सकेवेटर, डोजर, ग्रेडर, ड्रिल मशीन और शॉवेल—देश के खनन उद्योग की रीढ़ हैं। इन मशीनों की कीमत करोड़ों रुपये होती है और इनका एक-एक पार्ट लाखों रुपये का हो सकता है।

इसी कारण समय-समय पर देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में HEMM (Heavy Earth Moving Machinery) के पार्ट्स चोरी होने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसी घटनाएं केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचातीं, बल्कि उत्पादन और सुरक्षा पर भी असर डालती हैं।

HEMM क्या होती है?

HEMM (Heavy Earth Moving Machinery) वे भारी मशीनें हैं जिनका उपयोग खदानों में ओवरबर्डन हटाने, कोयला निकालने और परिवहन कार्यों में किया जाता है। इनमें प्रमुख मशीनें हैं :

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  • हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर
  • इलेक्ट्रिक शॉवेल
  • डंपर
  • बुलडोजर
  • मोटर ग्रेडर
  • ड्रिल मशीन
  • व्हील लोडर

किन पार्ट्स पर रहती है सबसे ज्यादा नजर?

औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चोरी का जोखिम उन पार्ट्स में अधिक होता है जिनकी बाजार में ऊंची कीमत होती है। जैसे :

  • बैटरी
  • स्टार्टर मोटर
  • अल्टरनेटर
  • हाइड्रोलिक पंप
  • ECU और कंट्रोल मॉड्यूल
  • कॉपर वायरिंग
  • सेंसर
  • फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम
  • LED लाइट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

चोरी कैसे होती है?

जांच एजेंसियों द्वारा उजागर विभिन्न मामलों में अलग-अलग तरीके सामने आए हैं।

  • बंद मशीनों को निशाना : रात के समय या लंबे समय तक खड़ी मशीनों से पार्ट्स निकालने के प्रयास।
  • इलेक्ट्रिकल पार्ट्स की चोरी : कॉपर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अधिक कीमत होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जाना।
  • कबाड़ के रूप में बिक्री : कुछ मामलों में चोरी किए गए पार्ट्स को कबाड़ या सेकेंड-हैंड सामान बताकर बेचने की कोशिश की गई।

कंपनियों को कितना नुकसान होता है?

HEMM मशीनों के एक छोटे पार्ट की चोरी भी पूरे उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण :

  • मशीनें बंद हो जाती हैं।
  • उत्पादन प्रभावित होता है।
  • मरम्मत में समय लगता है।
  • स्पेयर पार्ट्स खरीदने पर अतिरिक्त खर्च आता है।
  • परियोजनाओं में देरी होती है।

सुरक्षा एजेंसियां क्या करती हैं?

ऐसे मामलों में कंपनियां और सुरक्षा एजेंसियां कई उपाय अपनाती हैं—

  • 24×7 सुरक्षा गश्त
  • CCTV निगरानी
  • प्रवेश नियंत्रण
  • मशीनों का नियमित निरीक्षण
  • संदिग्ध गतिविधियों पर जांच
  • स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय

तकनीक ने कैसे बदली तस्वीर?

आज अधिकांश बड़ी खनन कंपनियां आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही हैं।

  • GPS आधारित मशीन मॉनिटरिंग
  • मशीनों की लोकेशन और गतिविधि पर नजर।
  • CCTV सर्विलांस
  • संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी।
  • RFID टैगिंग
  • महंगे उपकरणों की डिजिटल पहचान।
  • डिजिटल एसेट मैनेजमेंट
  • हर मशीन और उसके पार्ट्स का रिकॉर्ड।
  • बायोमेट्रिक एक्सेस
  • संवेदनशील क्षेत्रों में सीमित प्रवेश।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

खनन विशेषज्ञों का मानना है कि HEMM मशीनें किसी भी ओपनकास्ट खदान की सबसे महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों में से हैं। इनके रखरखाव के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए। डिजिटल एसेट ट्रैकिंग, नियमित निरीक्षण और आधुनिक निगरानी प्रणाली ऐसी घटनाओं को रोकने में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

HEMM मशीनों की सुरक्षा के प्रमुख उपाय

  • CCTV निगरानी
  • RFID टैगिंग
  • GPS आधारित मॉनिटरिंग
  • डिजिटल एसेट रजिस्टर
  • नियमित सुरक्षा ऑडिट
  • प्रवेश नियंत्रण
  • संयुक्त सुरक्षा अभियान

Industrial Punch Conclusion

HEMM मशीनों के पार्ट्स की चोरी केवल एक मशीन का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे खनन संचालन को प्रभावित कर सकती है। आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, नियमित निरीक्षण और जवाबदेही आधारित एसेट मैनेजमेंट से ऐसी घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उत्पादन की निरंतरता और उद्योग की सुरक्षा के लिए इन उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट विभिन्न वर्षों में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों, जांच एजेंसियों की कार्रवाई, न्यायालयीन मामलों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समूह पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि खनन क्षेत्र में भारी मशीनों (HEMM) से जुड़े सुरक्षा जोखिमों और चोरी की घटनाओं की कार्यप्रणाली को समझाना है।

अगले एपिसोड में…

Coal Crime Files – Episode 11 :डीजल चोरी का खेल, खदानों की मशीनों से लेकर टैंकरों तक… कैसे होती है ईंधन की चोरी और क्या हैं रोकथाम के उपाय?

इसे भी पढ़ें:

Coal Crime Files– Episode 1 : कोयला चोरी का काला कारोबार, खदान से बाजार तक कैसे चलता है अवैध कारोबार?

Coal Crime Files – Episode 2 : फर्जी चालान, ई-परमिट और कागजों का खेल

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Coal Crime Files – Episode 4 : रेलवे रैक से कोयला चोरी का पूरा नेटवर्क, खदान से बिजलीघर तक… कहां और कैसे होती है चोरी?

Coal Crime Files – Episode 5 : ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट की अंदरूनी कहानी, खदान से गंतव्य तक… कोयला परिवहन की सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?

Coal Crime Files – Episode 6 : कोल माफिया कैसे बनाते हैं अपना नेटवर्क? अवैध कारोबार कैसे संगठित रूप लेता है? 

Coal Crime Files – Episode 7 : कोयले का काला बाजार, चोरी का कोयला आखिर पहुंचता कहां है?

Coal Crime Files – Episode 8 : कोयला डिपो का अवैध कारोबार, अस्थायी भंडारण से अवैध सप्लाई तक

Coal Crime Files – Episode 9 : स्क्रैप माफिया की कहानी, बंद मशीनों से लेकर यार्ड तक… कैसे बनता है औद्योगिक स्क्रैप अवैध कारोबार का हिस्सा?

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