हैदराबाद। भारत की BRICS अध्यक्षता-2026 के तहत आयोजित 15वें BRICS ट्रेड यूनियन फोरम समिट में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर Coal India Limited का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की श्रमिक कल्याण और मानव संसाधन नीतियों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया।
14 से 16 जुलाई तक हैदराबाद में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में SECL के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने “Best Practices in BRICS+ Countries” विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय पैनल चर्चा में भाग लिया और दुनिया भर से आए प्रतिनिधियों के सामने Coal India के मानव संसाधन प्रबंधन, कर्मचारी कल्याण, सामाजिक विकास एवं औद्योगिक संबंधों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया।
2.2 लाख कर्मचारियों की HR रणनीति बनी वैश्विक चर्चा का विषय
अपने संबोधन में बिरंची दास ने बताया कि Coal India, जो देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है, 2.2 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए कर्मचारी कल्याण, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जन-केंद्रित नीतियों, सहभागी कार्य संस्कृति और पारदर्शी HR प्रबंधन के माध्यम से Coal India ने उत्पादकता और कर्मचारी हितों के बीच संतुलन स्थापित करने का सफल मॉडल विकसित किया है, जिसे वैश्विक स्तर पर भी अपनाया जा सकता है।
SECL की CSR पहलें भी बनीं आकर्षण का केंद्र
पैनल चर्चा के दौरान बिरंची दास ने SECL की सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) आधारित योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने “SECL के सुष्रुत” तथा “SECL की धड़कन” जैसी अभिनव पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन लाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इन पहलों में विशेष रुचि दिखाई और उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र की सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रभावी मॉडल बताया।
‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ थी समिट की थीम
भारत की BRICS अध्यक्षता-2026 की थीम “Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” पर आधारित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में श्रम क्षेत्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा (Universal Social Security), भविष्य के कार्यबल के लिए कौशल विकास (Future Skills), मानव-केंद्रित प्रौद्योगिकी एवं उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Responsible AI), बदलती कार्य संस्कृति में महिलाओं की भूमिका, श्रमिक अधिकार एवं औद्योगिक सहयोग, जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की रही भागीदारी
सम्मेलन में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, भारतीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों, श्रम विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
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