नई दिल्ली | Industrial Punch : देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देते हुए कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 15वें दौर की नीलामी तथा 13वें दौर के दूसरे प्रयास के तहत 6 कोयला ब्लॉकों की सफल नीलामी पूरी कर ली है। यह नीलामी 3 और 4 अगस्त 2026 को आयोजित अग्रिम ई-ऑक्शन के माध्यम से संपन्न हुई।
इसे भी पढ़ें: SECL की दीपका माइंस का मेगा धमाका! रिकॉर्ड उत्पादन, रिकॉर्ड मुनाफा… अब 60 MT का लक्ष्य
मंत्रालय के अनुसार, नीलाम किए गए छह ब्लॉकों में चार पूर्णतः अन्वेषित और दो आंशिक रूप से अन्वेषित कोयला ब्लॉक शामिल हैं। इनका कुल भूवैज्ञानिक भंडार लगभग 1,503.93 मिलियन टन तथा संचयी पीक रेटेड उत्पादन क्षमता 11.62 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) है।
इन कंपनियों ने जीते ब्लॉक
- नीलामी में तेलंगाना का PKOC Dip Side Extension कोयला ब्लॉक सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) को मिला, जिसमें 181.95 मिलियन टन का भूवैज्ञानिक भंडार और 2.50 MTPA की पीक उत्पादन क्षमता है।
- Dongeri Tal-II ब्लॉक गैलेंट इस्पात लिमिटेड के हिस्से आया, जिसका भूवैज्ञानिक भंडार 158.45 मिलियन टन तथा पीक उत्पादन क्षमता 2.90 MTPA है।
- मध्य प्रदेश का Mandla South ब्लॉक क्यूब कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हुआ, जिसमें 4.627 मिलियन टन का भंडार और 0.22 MTPA की क्षमता है।
- मध्य प्रदेश का Margo West ब्लॉक और झारखंड का Margo East ब्लॉक झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JEMCL) ने हासिल किए, जिनमें क्रमशः 415 मिलियन टन और 450 मिलियन टन का भूवैज्ञानिक भंडार है।
- झारखंड के Tara (Revised) ब्लॉक की नीलामी CGC Syn-Gas & Chemicals Limited के पक्ष में रही। इस ब्लॉक में 293.91 मिलियन टन का भूवैज्ञानिक भंडार तथा 6.00 MTPA की पीक उत्पादन क्षमता है। राजस्व, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
15,710 रोजगार सृजित होने की संभावना
कोयला मंत्रालय के अनुसार इन छह ब्लॉकों से लगभग ₹1,983.67 करोड़ का वार्षिक राजस्व, करीब ₹1,743 करोड़ का पूंजी निवेश, लगभग 15,710 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इसे भी पढ़ें: Coal India अधिकारियों की पेंशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव! बोर्ड बैठक के मिनट्स से सामने आईं कई बातें
2020 से अब तक 147 कोयला ब्लॉक हुए आवंटित
वाणिज्यिक कोयला खनन शुरू होने के बाद वर्ष 2020 से अब तक कुल 147 कोयला ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 377.974 मिलियन टन प्रतिवर्ष है। मंत्रालय का अनुमान है कि इनके संचालन से प्रतिवर्ष ₹48,215 करोड़ राजस्व, ₹54,315 करोड़ निवेश और 4.89 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce









