Thursday, August 6, 2026
Home Industrial (हिंदी) एम्प्लोयी एवं यूनियन यूनियन सदस्यता सत्यापन: SECL में नाथूलाल पाण्डेय की साख पर बड़ा संकट!,...

यूनियन सदस्यता सत्यापन: SECL में नाथूलाल पाण्डेय की साख पर बड़ा संकट!, KMP झटका देने की तैयारी में

रेशम लाल यादव की कोयला मजदूर पंचायत में नेताओं का पलायन, गेवरा-दीपका-भटगांव- सोहागपुर में HMS को बड़ा नुकसान होने के संकेत

Advertisement

कोरबा | Industrial Punch : साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में यूनियन सदस्यता सत्यापन-2026 का बिगुल बज चुका है। इस बार का सत्यापन केवल सदस्यता का नहीं, बल्कि श्रमिक संगठनों की ताकत और नेतृत्व की साख की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। सबसे ज्यादा नजरें हिंद मजदूर सभा (HMS) से संबद्ध कोयला श्रमिक सभा पर हैं, जहां संगठन में आई बड़ी टूट ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।

इसे भी पढ़ें: Commercial Coal Mining : 6 कोयला ब्लॉकों की नीलामी, SCCL सहित इन कंपनियों ने जीती बोलियां 

सूत्रों के अनुसार, कोयला श्रमिक सभा के वरिष्ठ नेता नाथूलाल पाण्डेय के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों और जांच में कथित गड़बड़ियों के सामने आने के बाद भी HMS नेतृत्व द्वारा कोई कठोर कार्रवाई नहीं किए जाने से संगठन में असंतोष बढ़ा। इसी नाराजगी के चलते संगठन का एक बड़ा धड़ा अलग हो गया।

रेशम लाल यादव के नेतृत्व में नई ताकत

Advertisement

कोयला श्रमिक सभा छोड़कर रेशम लाल यादव के नेतृत्व में कई वरिष्ठ श्रमिक नेता और कार्यकर्ता HMS से संबद्ध कोयला मजदूर पंचायत (KMP) में शामिल हो चुके हैं। खासतौर पर गेवरा, दीपका, भटगांव और सोहागपुर जैसे बड़े क्षेत्रों में इस बदलाव का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इससे सदस्यता सत्यापन से पहले ही श्रमिक राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

1 से 25 सितंबर तक होगा सदस्यता सत्यापन

SECL प्रबंधन ने 1 सितंबर से 25 सितंबर, 2026 तक यूनियन सदस्यता सत्यापन का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार केवल एकल सदस्यता (Single Membership Verification) के आधार पर यूनियनों की वास्तविक ताकत तय होगी, जिससे मुकाबला पहले से कहीं अधिक रोचक और निर्णायक हो गया है।

2025 के आंकड़े भी दे रहे संकेत

वर्ष 2025 के सदस्यता सत्यापन में BMS से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ ने 14,061 सदस्यों के साथ पहला स्थान हासिल किया था। वहीं HMS से संबद्ध कोयला श्रमिक सभा 13,177 सदस्यों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। एकल सदस्यता के आंकड़ों में भी BMS आगे रही :

  • अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (BMS): 7,060
  • कोयला श्रमिक सभा (HMS): 6,413

इन परिणामों के बाद भी संगठन के भीतर नेतृत्व पर सवाल उठे थे और अब 2026 में हुई टूट ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

इसे भी पढ़ें: SECL : कोयला मजदूर पंचायत में नई टीम की एंट्री! रेशम लाल यादव अध्यक्ष, विनय सिंह फिर महामंत्री

क्या कोयला श्रमिक सभा को लगेगा सबसे बड़ा झटका?

श्रमिक संगठनों से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस बार का सदस्यता सत्यापन नाथूलाल पाण्डेय के नेतृत्व की सबसे कठिन परीक्षा साबित हो सकता है। कोयला श्रमिक सभा को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम तस्वीर सदस्यता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट