Tuesday, September 15, 2026
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भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में छाया SECL का गेवरा मेगा प्रोजेक्ट और केनापारा इको पार्क

स्टॉल पर प्रदर्शित गेवरा मेगा प्रोजेक्ट का मॉडल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में इस महत्वपूर्ण कोयला परियोजना की भूमिका को दर्शाता है।

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नई दिल्ली। IndustrialPunch : यशोभूमि (IICC), द्वारका, नई दिल्ली में 1 से 3 सितंबर, 2026 तक आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के स्टॉल पर South Eastern Coalfields Limited (SECL) के गेवरा मेगा प्रोजेक्ट और केनापारा इको पार्क के मॉडल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।

POWERGEN India और Indian Utility Week के साथ आयोजित इस आयोजन में ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी हो रही है। कोल इंडिया लिमिटेड के स्टॉल पर प्रदर्शित SECL के दोनों मॉडल खनन, ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के बीच संतुलन की तस्वीर पेश कर रहे हैं।

गेवरा मेगा प्रोजेक्ट का मॉडल बना आकर्षण

स्टॉल पर प्रदर्शित गेवरा मेगा प्रोजेक्ट का मॉडल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में इस महत्वपूर्ण कोयला परियोजना की भूमिका को दर्शाता है। मॉडल के माध्यम से ओपनकास्ट खनन में कोयला निकालने की प्रक्रिया, उत्पादन और कोयले की ढुलाई की व्यवस्था को प्रदर्शित किया गया है।

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गेवरा परियोजना के माध्यम से बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए कोयला उत्पादन की भूमिका को समझाया जा रहा है। मॉडल विजिटर्स को आधुनिक खनन व्यवस्था और कोयले की आपूर्ति श्रृंखला से परिचित कराने का माध्यम भी बना है।

केनापारा इको पार्क में दिखा खनन के बाद हरित विकास

वहीं, केनापारा इको पार्क का मॉडल खनन के बाद भूमि के पुनर्विकास, पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल के प्रति SECL की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

इस मॉडल की खासियत इसका Virtual Reality (VR) Experience है। विजिटर्स VR सेट के जरिए केनापारा इको पार्क का वर्चुअल टूर कर रहे हैं और पार्क के विकास, विशेषताओं तथा खनन के बाद भूमि के उपयोग से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट में प्रदर्शित दोनों मॉडल SECL की उस कार्यदृष्टि को सामने रखते हैं, जिसमें एक ओर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयला उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण, भूमि पुनर्विकास और हरित विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

गेवरा मेगा प्रोजेक्ट और केनापारा इको पार्क का एक साथ प्रदर्शन इस बात को रेखांकित करता है कि कोयला खनन के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों और सतत विकास को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी पहल

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में SECL की भागीदारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। दोनों मॉडल विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक पेश करते हैं।

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