कोरबा। IndustrialPunch : NTPC Korba में शुक्रवार शाम PGCIL Bay के ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान हुए इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के बाद ट्रिप हुई उत्पादन इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा रहा है। 2,600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र की छह इकाइयां अब दोबारा ग्रिड से जुड़ चुकी हैं।
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जानकारी के अनुसार, फॉल्ट के बाद संयंत्र की छह उत्पादन इकाइयां एक साथ ट्रिप हो गई थीं। इसके बाद यूनिटों के रिस्टोरेशन और रिवाइवल का काम शुरू किया गया।
12 घंटे में तीन यूनिटें हुईं बहाल
आउटेज के करीब 12 घंटे के भीतर 500 मेगावाट की यूनिट- 4 और यूनिट- 5 तथा एक 200 मेगावाट की यूनिट-1 को बहाल कर दिया गया। इसके बाद 200 मेगावाट की यूनिट- 3 को करीब 36 घंटे के भीतर दोबारा उत्पादन में लाया गया।
सूत्रों के अनुसार रविवार को शेष दो ट्रिप हुई इकाइयों में 500 मेगावाट की यूनिट- 7 रात 9:20 बजे तथा 200 मेगावाट की यूनिट- 2 रात 8:40 बजे बहाल कर दी गई।
यूनिट-6 पहले से नियोजित ओवरहॉल में
संयंत्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट- 6, 25 अगस्त 2026 से द्विवार्षिक नियोजित ओवरहॉल के कारण बंद है। इसे महीने के अंत तक दोबारा ग्रिड से जोड़ने की उम्मीद है।
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इस तरह वर्तमान में छह इकाइयों के बहाल होने से NTPC Korba ने अपनी विद्युत उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा फिर हासिल कर लिया है। संयंत्र में कुल चार 500 मेगावाट और तीन 200 मेगावाट की इकाइयां हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 2,600 मेगावाट है।
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