कोरबा। IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कोरबा ने देशभर में 10वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले सर्वेक्षण में 18वें स्थान पर रहे कोरबा ने इस बार 8 पायदान का सुधार किया है। उपलब्ध रैंकिंग के अनुसार कोरबा का स्कोर 186.5 अंक रहा।
केंद्र सरकार के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों का आकलन वायु प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ वायु कार्ययोजना के क्रियान्वयन और प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर किए गए उपायों सहित विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत 130 शहरों का वार्षिक मूल्यांकन करता है।
औद्योगिक शहर ने सुधारी रैंकिंग
कोरबा देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है और यहां बिजली उत्पादन, कोयला खनन तथा अन्य औद्योगिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर होती हैं। ऐसे में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रैंकिंग का 18वें से 10वें स्थान पर पहुंचना पर्यावरण प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार, शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण, पौधारोपण, हरित क्षेत्र विस्तार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इन प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी रैंकिंग में सुधार का महत्वपूर्ण आधार बनी है।
मंत्री लखनलाल देवांगन ने दी बधाई
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा के देश के Top-10 शहरों में शामिल होने पर जिलेवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है।
मंत्री के मुताबिक, कोरबा में वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरणीय स्थिति बेहतर बनाने के लिए शासन-प्रशासन लगातार कदम उठा रहा है। उन्होंने इसे सरकार, प्रशासन, नगर निगम और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
हरियाली और प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस
कोरबा में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण और हरित क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को भी गति दी जा रही है।
सरकार का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। औद्योगिक शहर में स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
हसदेव नदी संरक्षण के लिए ₹300 करोड़ से अधिक की परियोजना
कोरबा के पर्यावरणीय प्रयासों में हसदेव नदी को प्रदूषण से बचाने की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके लिए ₹300 करोड़ से अधिक की परियोजना पर काम किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य नदी संरक्षण के साथ पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार करना है। आने वाले समय में इसके परिणाम कोरबा की पर्यावरणीय स्थिति को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
नगर निगम टीम को भी श्रेय
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस उपलब्धि के लिए महापौर संजू देवी राजपूत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय और नगर निगम की पूरी टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि 18वें स्थान से 10वें स्थान तक पहुंचना किसी एक विभाग की उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसमें नगर निगम, जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों और शहरवासियों की सामूहिक भूमिका है।
रैंकिंग में सुधार, लेकिन चुनौती अभी बाकी
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में कोरबा का 10वां स्थान निश्चित रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि, सर्वेक्षण की रैंकिंग को सीधे तौर पर शहर की वास्तविक वायु गुणवत्ता का पूर्ण पर्याय नहीं माना जाना चाहिए। सर्वेक्षण में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और उनके क्रियान्वयन सहित कई मानकों का मूल्यांकन किया जाता है।
अब कोरबा के सामने इस प्रदर्शन को बनाए रखने के साथ-साथ अगले सर्वेक्षण में Top-10 से भी ऊपर पहुंचने और वास्तविक प्रदूषण स्तर को लगातार कम करने की चुनौती होगी।
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