नई दिल्ली। IndustrialPunch : इंडियन रेलवे एम्प्लॉइज फेडरेशन (IREF) ने 23 सितंबर, 2026 को देशव्यापी रोष प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर देशभर के रेल कर्मचारियों की भागीदारी से यह प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। IREF ने प्रदर्शन के माध्यम से रेल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाने की घोषणा की है।
IREF के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश पांडेय और राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह के नाम से जारी आह्वान पत्र में कर्मचारियों के वेतन, बोनस, पेंशन, भर्ती, निजीकरण और श्रम कानूनों सहित कई मुद्दे शामिल किए गए हैं।
उत्पादन आधारित बोनस का भुगतान प्रमुख मांग
IREF ने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप उत्पादन लिंक बोनस का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और रेल कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
पुरानी पेंशन बहाली और खाली पदों पर भर्ती
संगठन ने एनपीएस/यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई है। साथ ही भारतीय रेलवे में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर तत्काल भर्ती किए जाने की मांग भी प्रदर्शन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
निजीकरण और ठेका व्यवस्था का विरोध
IREF ने भारतीय रेलवे में निजीकरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के माध्यम से रेलवे की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने की भी मांग रखी है।
अन्य प्रमुख मांगें
- ट्रेडमैन पुनरुद्धार योजना जल्द लागू करने।
- चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने।
- रेल कर्मचारियों के माता-पिता को परिवार का सदस्य मानते हुए रेलवे पास, चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं देने।
- रेलवे बोर्ड में IREF को मान्यता देने।
- रेल कर्मचारियों के हितों और रोजगार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई करने।
IREF ने अपने आह्वान में 23 सितंबर को सभी रेल कर्मचारियों से देशव्यापी रोष प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।
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