Thursday, October 8, 2026
Home Industrial (हिंदी) कोल SECL में सुरक्षित खनन पर जोर, DGMS, प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों ने...

SECL में सुरक्षित खनन पर जोर, DGMS, प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों ने की समीक्षा

विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों एवं क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति तथा किए जा रहे उपायों की जानकारी प्रस्तुत की गई

Advertisement

बिलासपुर। IndustrialPunch : 08 अक्टूबर को एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में 50वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता नीरज कुमार, उप महानिदेशक, खान सुरक्षा, उत्तर अंचल, गाजियाबाद ने की।

इस अवसर पर श्री हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित खनन के लिए सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और प्रत्येक स्तर पर सुरक्षा के प्रति सजगता आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: SECL में उच्च शिक्षा के लिए NOC का मुद्दा गरमाया, CITU नेता मनोहर ने CMD को लिखा पत्र

बैठक में एसईसीएल की ओर से निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी. सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) श्री नृपेन्द्र नाथ उपस्थित रहे। मुख्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्ष, विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधक, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी तथा ठेका कंपनियों के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।

Advertisement

खान सुरक्षा महानिदेशालय की ओर से बी. बी. सटियार, उप महानिदेशक, खान सुरक्षा, पश्चिमी अंचल, नागपुर; इरफान अहमद अंसारी, निदेशक खान सुरक्षा, बिलासपुर क्षेत्र-I; अल्ताफ हुसैन अंसारी, निदेशक खान सुरक्षा, बिलासपुर क्षेत्र-II; ए. रामबाबू, निदेशक खान सुरक्षा, रायगढ़ क्षेत्र तथा किशोर कुमार दोकुपर्ति, निदेशक खान सुरक्षा, जबलपुर क्षेत्र सहित पश्चिमी एवं उत्तरी अंचल के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में आनंद अग्रवाल, निदेशक विद्युत, पश्चिमी अंचल, नागपुर; बी. बेहेरा, निदेशक विद्युत, उत्तर अंचल, गाजियाबाद; के. विजय कुमार, निदेशक यांत्रिकी, उत्तर अंचल, गाजियाबाद; बालकृष्ण पदार्थी, निदेशक यांत्रिकी, पश्चिमी अंचल, नागपुर; अर्क सोमयाजुलु धूलिपाला, निदेशक विद्युत, पश्चिमी अंचल, नागपुर तथा डॉ. कौशिक सरकार, निदेशक ओएसएच, पश्चिमी अंचल, नागपुर ने भी सहभागिता की।

कंपनी सुरक्षा समिति की ओर से आनंद मिश्रा (एचएमएस), संजय सिंह (बीएमएस), बी. धर्मा राव (एटक), कमलेश शर्मा (एसईकेएमएस), इंद्रदेव चौहान (सीटू) तथा अनुप वि. राहाटे (सीएमओआईए) ने प्रतिनिधित्व किया और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे।

बैठक के दौरान पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से एसईसीएल में किए जा रहे सुरक्षा संबंधी कार्यों एवं पहलों की जानकारी दी गई। इसमें खदानों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन, जोखिमों की पहचान एवं नियंत्रण, दुर्घटनाओं की रोकथाम, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों एवं डिजिटाइजेशन के उपयोग तथा सुरक्षा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों एवं क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति तथा किए जा रहे उपायों की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में ठेका कर्मियों की सुरक्षा, उनके प्रशिक्षण तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन पर भी विशेष जोर दिया गया। ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सहभागिता की।

इसे भी पढ़ें: नाथूलाल बोले- JBCCI के लिए कोयला मंत्रालय पर दबाव बनाने की जरूरत, बोनस पर यह कहा

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी, श्रमिक, ठेका कर्मी एवं कार्यस्थल से जुड़े व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित की जा सकती है। संभावित जोखिमों की समय पर पहचान, प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने और आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में खान सुरक्षा महानिदेशालय के अधिकारियों, एसईसीएल प्रबंधन, कंपनी सुरक्षा समिति, क्षेत्रीय अधिकारियों एवं ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने सुरक्षित खनन संचालन तथा शून्य दुर्घटना की दिशा में सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

  • Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
  • industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here
Advertisement
1 अक्टूबर से बदलेंगे ये जरूरी नियम, आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर 1 अक्टूबर से बदलेंगे ये जरूरी नियम, आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान