Wednesday, November 4, 2026
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अक्टूबर में कोल इंडिया की रफ्तार तेज, उत्पादन में 19.3% की उछाल

सात महीनों में संचयी उत्पादन की वृद्धि दर 0.7 प्रतिशत रही, जबकि ऑफटेक में 9.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई

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कोलकाता। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अक्टूबर 2026 में कोयला उत्पादन और ऑफटेक, दोनों मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में कोल इंडिया का कुल कोयला उत्पादन पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 19.3 प्रतिशत बढ़कर 67.2 मिलियन टन (6.72 करोड़ टन) हो गया। वहीं, कोयले का ऑफटेक 18.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 70.3 मिलियन टन (7.03 करोड़ टन) दर्ज किया गया।

कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में कोल इंडिया का उत्पादन 56.4 मिलियन टन (MT) था, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 67.2 मिलियन टन हो गया। इसी तरह, ऑफटेक पिछले वर्ष के 59.2 मिलियन टन से बढ़कर 70.3 मिलियन टन पहुंच गया।

एमसीएल और एसईसीएल उत्पादन में आगे

अक्टूबर महीने में सहायक कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) 20.8 मिलियन टन उत्पादन के साथ सबसे आगे रही। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने 14.3 मिलियन टन और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने 11.4 मिलियन टन उत्पादन किया।

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अन्य कंपनियों में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) का उत्पादन 7.3 मिलियन टन, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) का 5.9 मिलियन टन, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) का 4.6 मिलियन टन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का 2.9 मिलियन टन रहा।

वृद्धि दर के लिहाज से WCL ने 64.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। ECL का उत्पादन 27.9 प्रतिशत, CCL का 26.1 प्रतिशत, MCL का 25.3 प्रतिशत और SECL का 17.4 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि, NCL के उत्पादन में 4.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सात महीने में उत्पादन 38.82 करोड़ टन

वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अक्टूबर तक की संचयी अवधि में कोल इंडिया का कुल उत्पादन 388.2 मिलियन टन (38.82 करोड़ टन) रहा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 385.5 मिलियन टन की तुलना में 0.7 प्रतिशत अधिक है।

इस अवधि में कंपनी का कुल ऑफटेक 454.6 मिलियन टन (45.46 करोड़ टन) दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 416.2 मिलियन टन से 9.2 प्रतिशत अधिक है।

संचयी उत्पादन में MCL ने 108.4 मिलियन टन और SECL ने 91.2 मिलियन टन का योगदान दिया। NCL का उत्पादन 69.4 मिलियन टन, CCL का 42.7 मिलियन टन, WCL का 33 मिलियन टन, ECL का 26.9 मिलियन टन और BCCL का 16.6 मिलियन टन रहा।

ऑफटेक में भी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर

अक्टूबर में ऑफटेक के मामले में MCL ने 20.6 मिलियन टन और SECL ने 15.6 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया। NCL का ऑफटेक 11.2 मिलियन टन, CCL का 8 मिलियन टन, WCL का 6.7 मिलियन टन, ECL का 4.9 मिलियन टन और BCCL का 3.3 मिलियन टन रहा।

अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में SECL का संचयी ऑफटेक 105.4 मिलियन टन और MCL का 131.8 मिलियन टन रहा। इस दौरान CCL ने 50.6 मिलियन टन तथा NCL ने 73.1 मिलियन टन कोयले का ऑफटेक दर्ज किया।

अक्टूबर के आंकड़े कोल इंडिया के लिए उत्पादन और आपूर्ति, दोनों क्षेत्रों में मजबूत मासिक प्रदर्शन को दर्शाते हैं। हालांकि, चालू वित्त वर्ष के सात महीनों में संचयी उत्पादन की वृद्धि दर 0.7 प्रतिशत रही, जबकि ऑफटेक में 9.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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