कोरबा, 31 जनवरी। केन्द्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा 12 फरवरी को बुलाई गई आम हड़ताल को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने बयान जारी किया है। बीएमएस ने इस हड़ताल को राजनीति से प्रेरित बताया है।
महामंत्री रविन्द्र हिमते ने जारी बयान में कहा है कि बीएमएस 12 फ़रवरी 2026 को प्रस्तावित आम हड़ताल का न तो समर्थन करता है और न ही उसमें भाग लेगा। यह हड़ताल कुछ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आह्वान की गई है, वह राजनीति से प्रेरित है।
बीएमएस ने निरंतर यह पक्ष अपनाया है कि वह चारों श्रम संहिताओं का स्वागत करता है, किंतु उनमें से दो संहिताओं से संबंधित कुछ बिंदुओं पर अपनी आपत्तियां और चिंताएं भी व्यक्त करता रहा है। बीएमएस ने स्पष्ट किया है कि वेतन संहिता तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता ऐतिहासिक और क्रांतिकारी हैं, जबकि शेष दो संहिताओं की कुछ धाराओं को लेकर चिंताएं हैं। इन मुद्दों को 13 और 21 नवंबर को भारतीय मजदूर संघ एवं श्रम मंत्री के साथ हुई वार्ता में विस्तार से चर्चा के पश्चात श्रम मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार भारतीय मजदूर संघ द्वारा उठाए गए आपत्तियों पर उचित समाधान निकालेगी।
रविन्द्र हिमते ने कहा कि बीएमएस ने श्रम से संबंधित विभिन्न विषयों पर सरकार के समक्ष कई अन्य माँगें भी रखी हैं। श्रम मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया है कि इन मुद्दों पर भी समुचित रूप से विचार कर समाधान किया जाएगा।
इन आश्वासनों के आधार पर, बीएमएस ने चारों श्रम संहिताओं के क्रिर्यान्वयन से संबंधित अधिसूचनाओं का स्वागत किया है।
महामंत्री ने कहा कि बीएमएस सरकार की सकारात्मक एवं श्रमिक-हितैषी पहलों का निरंतर समर्थन करता है तथा श्रमिकों के हितों के प्रतिकूल नीतियों का दृढ़तापूर्वक विरोध करते हुए उन पर अपनी आपत्तियां उठाता रहा है। बीएमएस राजनीतिक रूप से प्रेरित आंदोलनों में भाग नहीं लेता, क्योंकि श्रम क्षेत्र को राजनीतिक हितों से दूर रखा जाना चाहिए।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join









