भोपाल, 25 फरवरी। भारतीय मजदूर संघ (BMS) द्वारा रविवार (25 फरवरी) को पूरे देश में “विरोध दिवस” मनाया गया। जिला हेडक्वार्टस पर धरना, प्रदर्शन किया गया और रैली निकालते हुए प्रधानमंत्री एवं श्रम मंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में विरोध दिवस मनाने बड़ी संख्या कार्यकर्ता जुटे।
भोपाल

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीएमएस द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंच मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय मंत्री रामनाथ गणेशे, कार्यसमिति सदस्य श्रीमती मेघा दुबे, प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, प्रदेश मंत्री राजन नायर सहित अन्य शामिल हुए।
सीहोर

25 फरवरी 2026 विरोध दिवस पर भारतीय मजदूर संघ जिला सीहोर द्वारा कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
टीकमगढ़

विरोध दिवस पर भारतीय मजदूर संघ जिला ईकाई द्वारा कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
रीवा

भारतीय मजदूर संघ जिला रीवा द्वारा भारतीय मजदूर संघ द्वारा स्थानीय व्यंकट भवन के सामने धरना किया गया। धरने में वक्ताओं द्वारा कहा गया कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए श्रम कानून के चार कोड में से दो कोड का भारतीय मजदूर संघ द्वारा पूर्व से ही समर्थन किया गया थौ। शेष दो कोड में कुछ कमियां होने के कारण सुधार की मांग की गई थी। इस हेतु माननीय केंद्रीय श्रम मंत्री से कई बार पत्राचार एवं मीटिंग करके चर्चा किया गया, लेकिन श्रम कानून में सुधार न होने के कारण आज पूरे देश मे धरना-प्रदर्शन का आयोजन करना पड़ रहा है। धरना प्रदर्शन संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का विशाल एकत्रीकरण हुआ।
गुना

जिला कलेक्टर कार्यालय गुना में भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई द्वारा सैंकड़ों कार्यकर्ताओ के साथ विरोध दिवस पर जायज मांगो के त्वरित निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपा गया।
नर्मदापुरम

भारतीय मजदूर संघ जिला नर्मदापुरम द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय में विरोध दिवस के रूप में मनाते हुए व्यापक प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।
छतरपुर

भूपेंद्र सिंह बुंदेला ने बताय कि भारतीय मजदूर जिला इकाई छतरपुर द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन एवं प्रधानमंत्री महोदय एवं श्रम मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
बुराहनपुर

बुरहानपुर जिले में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया गया है। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ की समस्त जिला कार्यकारिणी एवं सदस्य, कार्यकर्ता तथा संबद्ध समस्त महासंघो, अनुसांगिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
उज्जैन

उज्जैन जिला बीएमएस द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय में 25 फरवरी विरोध दिवस में अपनी जायज मांगो के त्वरित निदान हेतु ज्ञापन सौंपा गया।
मुख्य मांगें :
- सभी सेक्टर और वर्कर्स की कैटेगरी में, बिना किसी छूट के, अंत्योदय की सच्ची भावना के साथ लेबर कानूनों को सख्ती से और सबके लिए लागू किया जाए।
- इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड, 2020 और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 में वर्कर्स की चिंताओं को दूर करें और उन्हें ठीक करें।
- इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को तुरंत बुलाएं और वर्कर्स की भलाई के लिए उनके रेगुलर, असरदार और सही काम को पक्का करने के लिए अलग-अलग तीन-तरफ़ा कमेटियों को फिर से बनाएं।
- सभी स्कीम वर्कर्स का महीने का मानदेय बढ़ाएं।
- EPS 95 के तहत मिनिमम पेंशन Rs 1000 से बढ़ाकर Rs 7500 करें।
- NTC मिल्स, HEC रांची, ITI, HMT, वगैरह जैसे PSUs में बकाया सैलरी दें।
- बैंकिंग इंडस्ट्री में “5-दिन का काम वाला हफ़्ता” शुरू करें।
- EPS-95 के तहत मिनिमम पेंशन Rs 1,000 से बढ़ाकर Rs 7,500 प्रति महीना करें, साथ ही महंगाई राहत भी दें।
- ESI और EPF के तहत कवरेज की लिमिट बढ़ाई जाए ताकि ज़्यादा से ज़्यादा वर्कर्स को फ़ायदा मिल सके।
पेमेंट ऑफ़ बोनस एक्ट, 1965 के तहत बोनस के पेमेंट के लिए एलिजिबिलिटी लिमिट बढ़ाई जाए, जो अभी के वेतन लेवल के हिसाब से हो। - भारत के संविधान के आर्टिकल 14, 15, 16, और 21 में दिए गए सिद्धांतों के हिसाब से स्कीम वर्कर्स और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को रेगुलर किया जाएआम भर्ती पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए और नौकरी की सुरक्षा के साथ गारंटी वाला रोज़गार पक्का किया जाए, जिससे सर्विस की शर्तों में अनिश्चितता और असुरक्षा खत्म हो।
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