Sunday, August 2, 2026
Home Industrial (हिंदी) एम्प्लोयी एवं यूनियन CBI की कार्रवाई: EPFO के ₹1,816 करोड़ निवेश घोटाले में रिलायंस कैपिटल...

CBI की कार्रवाई: EPFO के ₹1,816 करोड़ निवेश घोटाले में रिलायंस कैपिटल पर FIR, अंबानी समेत कई पर जांच

EPFO के ₹2,500 करोड़ निवेश में कथित गड़बड़ी का मामला, CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों में दर्ज किया केस।

Advertisement

नई दिल्ली | IndustrialPunch : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के निवेश से जुड़े ₹1,816.22 करोड़ के कथित घोटाले में रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, उसके पूर्व चेयरमैन अनिल डी. अंबानी, कुछ अज्ञात लोक सेवकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई EPFO की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।

इसे भी पढ़ें: BCCL में करोड़ों का टैक्स खेल? 54 कर्मचारियों ने फर्जी रिफंड से उड़ाए ₹86 लाख

CBI के अनुसार, मामले में ₹1,007.55 करोड़ के कथित मूल नुकसान के साथ ₹808.67 करोड़ की ब्याज देनदारी भी शामिल है। एजेंसी ने आरोपों के आधार पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक कदाचार से संबंधित धाराओं में जांच शुरू की है। आरोपों की जांच जारी है और इस स्तर पर इन्हें न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं माना गया है।

क्या है पूरा मामला?

Advertisement

CBI के अनुसार, वर्ष 2013-14 के दौरान रिलायंस कैपिटल लिमिटेड ने सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी किए थे। इन डिबेंचरों में EPFO ने चार पोर्टफोलियो मैनेजरों के माध्यम से ₹2,500 करोड़ का निवेश किया था। इन निवेशों की परिपक्वता (Maturity) वर्ष 2023 और 2024 में होनी थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान कथित रूप से धन के दुरुपयोग (Diversion of Funds) और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए गए, जिसके कारण NCD का भुगतान (Redemption) नहीं हो सका और EPFO को कुल ₹1,816.22 करोड़ का कथित नुकसान हुआ।

सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

CBI ने कहा है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इस पूरे मामले में किन-किन व्यक्तियों की क्या भूमिका रही, जिनमें सार्वजनिक अधिकारी और निजी व्यक्ति भी शामिल हैं। एजेंसी धन के अंतिम उपयोग (End Use of Funds) और कथित आपराधिक साजिश की भी जांच करेगी।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मामले

CBI ने बताया कि इससे पहले भी रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न कंपनियों—रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम (RTL)—से जुड़े मामलों में सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें कई चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। इन मामलों की निगरानी उच्चतम न्यायालय के स्तर पर भी की जा रही है।

इसे भी पढ़ें: रेलवे में जवाबदेही पर बड़ा एक्शन, 5 अधिकारियों पर गिरी समयपूर्व सेवानिवृत्ति की गाज

अनिल अंबानी का पक्ष

समाचार एजेंसियों के अनुसार, अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने कहा है कि यह एफआईआर रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से संबंधित है। उनका कहना है कि अनिल अंबानी किसी भी प्रकार के गलत कार्य से इनकार करते हैं और कानून के तहत उपलब्ध सभी अधिकार सुरक्षित रखते हैं।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce

 

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट