कोरबा | IndustrialPunch Analysis : Coal India Limited (CIL) के राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता (NCWA- XI) की अवधि 30 जून, 2026 को समाप्त हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन JBCCI-XII (Joint Bipartite Committee for Coal Industry) के गठन को लेकर अब तक न तो कोल इंडिया प्रबंधन और न ही कोयला मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक पहल दिखाई दे रही है। इससे देशभर के लगभग 2.8 लाख गैर-कार्यकारी (Non-Executive) कोयला कर्मचारियों में असमंजस और चिंता का माहौल है।
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एक तरफ हाईकोर्ट, दूसरी तरफ वेतन समझौते का इंतजार
JBCCI- XII के गठन में सबसे बड़ी बाधा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में लंबित Pay Relativity विवाद को माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कोल इंडिया प्रबंधन अदालत में लंबित मामले और संभावित अवमानना (Contempt) की आशंका को देखते हुए कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
हालांकि श्रमिक संगठनों और श्रम कानून विशेषज्ञों का तर्क अलग है। उनका कहना है कि अदालत में विवाद NCWA- XI की वेतन संरचना को लेकर है, जबकि JBCCI- XII का गठन और NCWA- XII की नई वेतन वार्ता एक अलग प्रक्रिया है। ऐसे में नई समिति के गठन पर कोई प्रत्यक्ष कानूनी रोक नहीं है।
क्या है जबलपुर हाईकोर्ट का विवाद?
NCWA- XI लागू होने के बाद Coal India के कुछ Executive अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि संशोधित वेतन संरचना के कारण कुछ वरिष्ठ Non-Executive कर्मचारियों का वेतन शुरुआती Executive ग्रेड से अधिक हो गया है, जो Department of Public Enterprises (DPE) के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
सिंगल बेंच ने वर्ष 2023 में NCWA- XI की मंजूरी निरस्त कर मामले को पुनर्विचार के लिए भेज दिया था। इसके बाद Coal India ने डिवीजन बेंच में अपील की, जहां सिंगल बेंच के आदेश पर स्टे मिल गया। इसी कारण वर्तमान में NCWA- XI के तहत वेतन भुगतान जारी है, जबकि अंतिम फैसला अभी भी लंबित है।
यूनियनों ने खोला मोर्चा
JBCCI-12 के गठन में देरी के विरोध में बीएमएस, एचएमएस, इंटक, सीटू और एटक सहित प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने संयुक्त आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की रणनीति बनाई जा रही है।
यूनियनों का कहना है कि यदि जल्द JBCCI-12 का गठन नहीं हुआ तो NCWA-XII की वेतन वार्ता समय पर शुरू नहीं हो पाएगी और कर्मचारियों को एक बार फिर वर्षों तक वेतन संशोधन का इंतजार करना पड़ सकता है।
क्या है JBCCI?
JBCCI (Joint Bipartite Committee for Coal Industry) वह संयुक्त समिति है जिसमें Coal India प्रबंधन और मान्यता प्राप्त केंद्रीय ट्रेड यूनियनें शामिल होती हैं। यही समिति NCWA (National Coal Wage Agreement) के तहत गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं पर समझौता करती है।
गौरतलब है कि JBCCI- XI का गठन मई 2021 में हुआ था और लगभग दो वर्षों की लंबी वार्ता के बाद 20 मई 2023 को NCWA- XI समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।
लेबर कोड भी बढ़ा रहा है अनिश्चितता
श्रम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Industrial Relations Code, 2020 को पूरी तरह लागू किया जाता है तो Coal India में भविष्य की वेतन वार्ता, प्रतिनिधित्व व्यवस्था और सामूहिक सौदेबाजी (Collective Bargaining) की प्रक्रिया में बदलाव संभव है। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार या कोयला मंत्रालय ने JBCCI- XII के गठन पर कोई आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
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सबसे बड़ा सवाल
देश के लगभग 2.8 लाख गैर-कार्यकारी कोयला कर्मचारियों की निगाहें अब कोयला मंत्रालय और Coal India प्रबंधन पर टिकी हैं। यदि JBCCI- XII का गठन जल्द नहीं होता है तो केवल वेतन समझौता ही नहीं, बल्कि औद्योगिक संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, यदि प्रबंधन कानूनी विवाद को नई समिति के गठन से अलग मानते हुए आगे बढ़ता है, तो NCWA- XII की वार्ता समय पर शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या कोयला मंत्रालय जल्द फैसला लेगा या JBCCI- XII भी कानूनी और प्रशासनिक उलझनों में फंसकर रह जाएगा?
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