कोरबा,17 अगस्त (industrialpunch Election Desk) : गुरुवार को भाजपा (BJP) ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh Assembly Election) के लिए 21 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए। इनमें एक हाईप्रोफाइल सीट कोरबा है, जहां से जयसिंह अग्रवाल (JaiSingh Agarwal) विधायक हैं और वे कांग्रेस सरकार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हैं। इस सीट से भाजपा ने अपने राज्य उपाध्यक्ष लखनलाल देवांगन (LakhanLal Dewangan) को टिकट दिया है। संभवतः उनका मुकाबला जयसिंह अग्रवाल जैसे कद्दावर नेता से होगा। कोरबा विधानसभा क्षेत्र 2008 के चुनाव से अस्तित्व में आया था। तब से इस सीट पर जयसिंह अग्रवाल चुनाव जीतते आ रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ : जिन 21 सीटों पर BJP ने उम्मीदवार उतारे हैं वहां Congress का है कब्जा, जानें 2018 में कैसा था परिणाम

भाजपा ने लखन पर क्यों खेला दांव

पार्टी ने लखनलाल देवांगन को 2013 के चुनाव में कटघोरा सीट से चुनावी मैदान पर उतारा था। देवांगन ने कांग्रेस के वरिष्ठ और दिग्गज नेता बोधराम कंवर को 13 हजार 490 मतों के अंतर से पराजित कर दिया था। कांग्रेस के बड़े नेता को हराने का तोहफा उन्हें संसदीय सचिव के तौर पर मिला। 2018 के चुनाव में पार्टी ने फिर से लखनलाल देवांगन पर दांव खेला, लेकिन इस दफे उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी पुरुषोत्तम कंवर से 11 हजार 511 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। दरअसल पुरुषोत्तम कंवर ने अपने बोधराम कंवर की हार का बदला ले लिया था।

लखनलाल देवांगन एमएलए बनने से पहले 2005 से 2010 तक नगर पालिक निगम, कोरबा के मेयर रह चुके थे। महापौर बनने से पूर्व उन्होंने पार्षद का अपना पहला चुनाव जीता था। महापौर के तौर पर श्री देवांगन ने विकास कार्यों और अपने सहज व्यवहार की वजह से आम लोगों के बीच एक सौम्य नेता की छवि बनाई थी। दूसरा यह कि लखनलाल देवांगन पिछड़ा वर्ग से वास्ता रखते हैं और एक छत्तीसगढ़िया नेता की इमेज में फीट बैठते हैं। लखनलाल देवांगन को भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह का करीबी माना जाता है। कोरबा में पार्टी के भीतर भी उनकी मुखालफत करने वाला कोई नहीं है। यानी वे गुटबाजी से परे माने जा सकते हैं। भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी लखनलाल देवांगन कोरबा सीट के लिए एक बेहतर प्रत्याशी माने गए।

 

 

  • Website Designing