कोरबा । IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (NCWA-XII) के लिए JBCCI-12 के गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच Industrial Relations Code, 2020 की धारा 14 को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। धारा 14 में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की ओर से प्रबंधन के साथ बातचीत के लिए Negotiating Union अथवा Negotiating Council की व्यवस्था की गई है।
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ऐसे में कोल इंडिया में वर्षों से चली आ रही उद्योग-स्तरीय द्विपक्षीय व्यवस्था और JBCCI के गठन को नए श्रम कानून के प्रावधानों के साथ किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा, यह महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।
धारा 14 में क्या है प्रावधान?
Industrial Relations Code की धारा 14 के अनुसार, यदि किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में एक से अधिक पंजीकृत ट्रेड यूनियन हैं और किसी एक यूनियन के पास 51 प्रतिशत या उससे अधिक कर्मचारियों का समर्थन है, तो उसे Sole Negotiating Union के रूप में मान्यता दी जा सकती है।
यदि किसी यूनियन को 51 प्रतिशत समर्थन हासिल नहीं है, तो Negotiating Council का गठन किया जाता है। इसमें कम से कम 20 प्रतिशत समर्थन वाली ट्रेड यूनियनों को प्रतिनिधित्व मिलता है और प्रत्येक 20 प्रतिशत समर्थन पर एक प्रतिनिधि का प्रावधान है।
यही प्रावधान अब कोल इंडिया में JBCCI- XII के गठन के संदर्भ में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
CIL की छूट की मांग क्यों महत्वपूर्ण?
कोल इंडिया (CIL) की ओर से धारा 14 के प्रभाव से छूट की मांग को लेकर मंत्रालय को पत्र लिखे जाने की बात सामने आई है। इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यदि संबंधित प्रावधान से छूट मिलती है, तो मौजूदा उद्योग-स्तरीय द्विपक्षीय व्यवस्था के आधार पर JBCCI- XII के गठन का रास्ता स्पष्ट करने की गुंजाइश बन सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि धारा 14 स्वयं छूट देने वाली धारा नहीं है। यह Negotiating Union/Negotiating Council की व्यवस्था करती है। इसलिए CIL की मांग को धारा 14 के अनुप्रयोग से छूट के अनुरोध के रूप में देखा जाना चाहिए।
JBCCI- XII को लेकर पहले से सक्रिय हैं यूनियनें
JBCCI- XII का गठन लंबे समय से कोयला श्रमिक संगठनों के प्रमुख एजेंडे में है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने JBCCI-XII के गठन में देरी पर चिंता जताई थी और NCWA-XII की वार्ता शुरू कराने की मांग की थी।
इसके बाद 2 सितंबर की Apex JCC बैठक में भी Labour Codes के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक में BMS, HMS, AITUC और CITU के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। JBCCI-XII का नाम आधिकारिक एजेंडे में सीधे शामिल नहीं था, लेकिन इस बैठक में जेबीसीसीआई गठन को लेकर अहम चर्चा हुई और सीआईएल प्रबंधन ने इस संदर्भ में कोयला मंत्रालय को पत्र भेजने की बात कही थी।
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अब निगाह मंत्रालय के रुख पर
NCWA-XI की अवधि समाप्त होने के बाद कोयला कर्मचारियों के लिए नए वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू कराने के लिहाज से JBCCI- XII का गठन अहम पड़ाव है। ऐसे में धारा 14 के तहत Negotiating Union/Negotiating Council की व्यवस्था और CIL की छूट की मांग के बीच मंत्रालय का रुख महत्वपूर्ण होगा।
यदि छूट संबंधी मांग स्वीकार होती है तो JBCCI- XII के गठन की प्रक्रिया को मौजूदा उद्योग-स्तरीय द्विपक्षीय व्यवस्था के अनुरूप आगे बढ़ाने का रास्ता अधिक स्पष्ट हो सकता है। दूसरी ओर, यदि धारा 14 के प्रावधानों को लागू करने की स्थिति बनती है, तो प्रतिनिधित्व और बातचीत की संरचना को लेकर अलग कानूनी प्रक्रिया सामने आ सकती है। फिलहाल कोयला कर्मचारियों, ट्रेड यूनियनों और प्रबंधन की नजर JBCCI- XII के गठन को लेकर अगले कदम पर है।
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